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हज के नाम पर जज को ही 24 लाख का चूना लगा दिया साइबर ठगों ने

  उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हज यात्रा के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक विशेष न्यायाधीश को ही अपना शिकार बना लिया। आरोपियों ने खुद को ट्रैवल एजेंसी संचालक बताकर हज यात्रा की पूरी व्यवस्था कराने का भरोसा दिया और इसके बदले करीब 23 लाख 99 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए...

By हर्ष गौतम 
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Saharanpur:  उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हज यात्रा के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक विशेष न्यायाधीश को ही अपना शिकार बना लिया। आरोपियों ने खुद को ट्रैवल एजेंसी संचालक बताकर हज यात्रा की पूरी व्यवस्था कराने का भरोसा दिया और इसके बदले करीब 23 लाख 99 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। रकम मिलने के बाद भी न तो यात्रा की कोई तैयारी की गई और न ही पीड़ित को कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध कराया गया।

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जब बार-बार संपर्क करने पर भी आरोपी केवल बहाने बनाते रहे, तब मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई गई। जांच के दौरान पता चला कि लखनऊ की अलफहाद टूरिज्म कंपनी के नाम से यह पूरा खेल चल रहा था और कंपनी के पास हज यात्रा से जुड़ा कोई अधिकृत लाइसेंस भी नहीं था। यानी शुरुआत से ही यह पूरा मामला सुनियोजित धोखाधड़ी का हिस्सा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर क्राइम टीम ने तुरंत जांच शुरू की। प्रभारी निरीक्षक इंद्रेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लखनऊ निवासी ओसामा रशीदी और एजाज अहमद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई और नाम सामने आए हैं, जिनमें कंपनी का डायरेक्टर आमिर रशीदी भी शामिल बताया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और ठगी गई रकम वापस दिलाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

साइबर थाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ट्रैवल एजेंसी या ऑनलाइन भुगतान से पहले उसकी वैधता जरूर जांच लें। किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। यदि किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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