उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर प्रदेश का सियासी तापमान बढ़ने लगा है। समाजवादी पार्टी के PDA पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लगातार उठा रहे हैं। अब उन्होंने कहा, सत्ता मिलने पर PDA सैफई परिवार की तिजोरी में चला जाता है। हालांकि, सपा को 2047 तक सत्ता मिलने के आसार नहीं हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर प्रदेश का सियासी तापमान बढ़ने लगा है। समाजवादी पार्टी के PDA पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लगातार उठा रहे हैं। अब उन्होंने कहा, सत्ता मिलने पर PDA सैफई परिवार की तिजोरी में चला जाता है। हालांकि, सपा को 2047 तक सत्ता मिलने के आसार नहीं हैं।
केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, सपा का PDA कोई सिद्धांत नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करने का प्रपंच है। 2012 से 2017 तक इसका कथित PDA मॉडल जनता के विकास में नहीं, बल्कि सैफई महोत्सव और परिवार के विकास में छलकता था। सत्ता क्या गई कि सपा ने PDA का प्रलाप शुरू कर दिया।
सपा का PDA कोई सिद्धांत नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करने का प्रपंच है। 2012 से 2017 तक इसका कथित PDA मॉडल जनता के विकास में नहीं, बल्कि सैफई महोत्सव और परिवार के विकास में छलकता था। सत्ता क्या गई कि सपा ने PDA का प्रलाप शुरू कर दिया।
सपा बहादुर का मॉडल साफ़ है। सत्ता मिलने पर PDA…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) July 13, 2026
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उन्होंने आगे लिखा, सपा बहादुर का मॉडल साफ़ है। सत्ता मिलने पर PDA सैफई परिवार की तिजोरी में चला जाता है। हालांकि सपा को 2047 तक सत्ता मिलने के आसार नहीं हैं, लेकिन 2027 में जनता को एक काम जरूर करना है कि ‘लठैतवादी’ सपा को सैफई भेजना है। भाजपा का लक्ष्य- सबका साथ, सबका विकास। सपा का लक्ष्य- परिवार का साथ, सैफई का विकास।