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Astrology: आखिर भगवान शिव को क्यों कहते हैं महादेव, जाने इसके पीछे का पौराणिक रहस्य

Astrology: आखिर भगवान शिव को क्यों कहते हैं महादेव, जाने इसके पीछे का पौराणिक रहस्य

नई दिल्ली: भगवान भोलेनाथ को कई नामों से जाना जाता है जैसे शिव, शंकर, भोलेनाथ, नीलकंठ, कैलाशपति, दीनानाथ आदि। उनको कई उपाधियां और नामों से संबोधित किया जाता है और हर नाम के पीछे कोई ना कोई कहानी और चमत्कार है। इन्ही नामों में से एक है महादेव। आपको बता

सावन में शिव शम्भू की मिलेगी कृपा, शहद और गंगाजल के इस प्रयोग से हो सकते हैं मालामाल

सावन में शिव शम्भू की मिलेगी कृपा, शहद और गंगाजल के इस प्रयोग से हो सकते हैं मालामाल

श्रावण मास 2021: सावन का महीना भगवान शि‍व को अति प्रिय है। हर तरफ शिवालयों में हर हर, बम बम ,जय भोलेनाथ की ध्वनि गूंजती है। भोले नाथ के भक्त उनकी भक्ति में लीन होकर शिवलिंग पर गंगा जल,श्हद,दूध, दही, घी, पुष्प,वेलपत्र,शमी, भांग,धतूरा अर्पित करते हैं। ऐसी मान्यता है अगर

श्रावण मास 2021 : सावन में शिव की पौराणिक महिमा और प्रचलित नामों का करें श्रवण

श्रावण मास 2021 : सावन में शिव की पौराणिक महिमा और प्रचलित नामों का करें श्रवण

श्रावण मास 2021: सावन का महीना भगवान शि‍व को अति प्रिय है। हर तरफ शिवालयों में हर हर, बम बम ,जय भोलेनाथ की ध्वनि गूंजती है। सावन भोलेनाथ का प्रिय महीना है। सम्पूर्ण ब्रह्मांड शिव के अंदर समाया हुआ है। जब कुछ नहीं था तब भी शिव थे । जब

शिव और सावन में आदि काल से ही भावनात्मक संबंध है, जानिए यहां कारण

शिव और सावन में आदि काल से ही भावनात्मक संबंध है, जानिए यहां कारण

लखनऊ: भोले नाथ के भक्तों का मानना है कि महादेव सीधे,सरल है। वो अपने भक्तों के कष्टों को हरते हैं। सभी शास्त्रों में मिलता कि भगवान शिव भक्तों पर परम कृपा करते है। महादेव केवल जल और पत्ती से ही प्रसन्न हो जाने वाले देवता है। उनकी साधना में साधक

आगरा : बोरवेल में गिरे मासूम शिवा की जान बचाने के लिए सेना से संभाला मोर्चा , राहत-बचाव कार्य जारी

आगरा : बोरवेल में गिरे मासूम शिवा की जान बचाने के लिए सेना से संभाला मोर्चा , राहत-बचाव कार्य जारी

आगरा। आगरा जिले के फतेहाबाद कस्बे के निबोहरा थाना क्षेत्र के गांव धरियाई में सोमवार को चार वर्ष का मासूम शिवा खेलते समय घर के सामने खुले पड़े बोरवेल में गिर गया है। 130 फीट गहरे बोरवैल में गिरे मासूम की जानकारी पास में खेल रहे बच्चों ने परिजनों को

दो माह बाद फिर 16 जून को दर्शक कर सकेंगे ताज का दीदार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सूचना जारी

दो माह बाद फिर 16 जून को दर्शक कर सकेंगे ताज का दीदार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सूचना जारी

आगरा। कोरोना संक्रमण के चलते विगत 16 अप्रैल से बंद है। इसके बाद अब कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के चलते ताजमहल को पूरे दो महीने के बाद 16 जून को खोला जाएगा। बता दें कि ताजमहल सहित संरक्षित स्मारक खोलने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा अधिसूचना जारी