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जापानी PM शिंजो आबे के हत्यारे को उम्रकैद की सजा, 3 साल पहले चुनाव प्रचार के समय मारी थी गोली

Shinzo Abe's assassin sentenced to life imprisonment : जापान के पूर्व पीएम शिंजों आबे की करीब तीन साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी, यह घटना उस वक्त घटी थी, जब आबे चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस मामले में दोषी 45 वर्षीय तेत्सुया यामागामी ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। जापान की एक अदालत बुधवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाया है। यामागामी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। हालांकि, जापानी पीएम की हत्या ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था।

By Abhimanyu 
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Shinzo Abe’s assassin sentenced to life imprisonment : जापान के पूर्व पीएम शिंजों आबे की करीब तीन साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी, यह घटना उस वक्त घटी थी, जब आबे चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस मामले में दोषी 45 वर्षीय तेत्सुया यामागामी ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। जापान की एक अदालत बुधवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाया है। यामागामी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। हालांकि, जापानी पीएम की हत्या ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था।

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कब और क्यों हुई थी जापानी पीएम की हत्या? 

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की 8 जुलाई, 2022 को जापान के नारा में गोली मारी गयी थी, उस समय वह एक चुनावी भाषण दे रहे थे। आबे को तेत्सुया यामागामी ने एक घर में बनी बंदूक से गोली मार दी थी, जिससे कुछ घंटों बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। इस मामले का ट्रायल अक्टूबर में शुरू हुआ था। इस दौरान हत्यारे यामागामी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। इस मामले में बचाव पक्ष ने सजा को 20 साल तक सीमित रखने की अपील की थी, जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया। अब नारा जिला कोर्ट ने यामागामी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

आबे की हत्या के बाद जापान की सत्तारूढ़ पार्टी और एक विवादित दक्षिण कोरियाई चर्च के बीच पुराने रिश्तों का खुलासा हुआ। आरोपी यामागामी ने कोर्ट में कहा कि उसने शिंजो आबे को एक वीडियो मैसेज की वजह से गोली मारी। उसका मकसद चर्च को नुकसान पहुंचाना था और उसके साथ चर्च के राजनीतिक रिश्तों को उजागर करना था। वह पहले चर्च के नेता को मारना चाहता था, लेकिन उनके करीब पहुंचना मुश्किल था इसलिए उसने आबे को निशाना बनाया। आबे उस रिश्ते का सबसे बड़े प्रतीक थे। इस घटना के बाद सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और चर्च के बीच नजदीकी रिश्तों पर कई सवाल उठे।

पीएम आबे की हत्या और उनके हत्यारे यामागामी के खुलासे के बाद लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने चर्च से दूरी बनाई है। मामले में जांच के बाद कोर्ट ने चर्च की जापानी शाखा से टैक्स छूट का दर्जा भी छीन लिया और उसे भंग करने का आदेश दिया।

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