पश्चिम बंगाल (West Bengal) में मेसी प्रकरण को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास (Sports Minister Arup Biswas) ने खेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास (Sports Minister Arup Biswas) ने निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) को पत्र लिखकर इस्तीफा दे दिया है।
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में मेसी प्रकरण को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास (Sports Minister Arup Biswas) ने खेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास (Sports Minister Arup Biswas) ने निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) को पत्र लिखकर इस्तीफा दे दिया है। तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष (Trinamool spokesperson Kunal Ghosh) का दावा है कि उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। युवा भारती स्कैंडल को लेकर चल रहे विवाद के बीच अरूप बिस्वास (Arup Biswas) से खेल विभाग छोड़ने को कहा गया था।
डीसी को किया गया सस्पेंड
मेसी प्रकरण (Messi Incident) में राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार और विधाननगर पुलिस आयुक्त (CP) मुकेश कुमार को मुख्य सचिव ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं बिधाननगर के पुलिस उपायुक्त (DC) को निलंबित कर दिया गया है।
24 घंटे में मांगा जवाब
डीजीपी राजीव कुमार (DGP Rajeev Kumar) और सीपी, बिधाननगर मुकेश कुमार को शो-काज नोटिस जारी कर उन्हें 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उस दिन स्टेडियम में कुप्रबंधन और चूक क्यों हुई तथा कार्यक्रम के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए हितधारकों, जिसमें निजी आयोजक भी शामिल थे, के साथ उचित समन्वय क्यों नहीं किया गया।
डीसीपी अनीश सरकार के खिलाफ इवेंट के दिन अपनी ड्यूटी और जिम्मेदारियों में कथित लापरवाही के लिए विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। उन्हें जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस के साथ ही युवा मामले और खेल विभाग के प्रधान सचिव राजेश कुमार सिन्हा से भी इवेंट के दिन हुई कुप्रबंधन और चूक पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (सीट) का गठन किया गया है। इस टीम में IPS पीयूष पाण्डेय, IPS जावेद शमीम, IPS मुरलीधार और IPS सुप्रतिम सरकार शामिल हैं। प्रशासनिक कार्रवाई से स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और भविष्य में इस तरह की चूक से बचने के लिए उच्चाधिकारियों की जवाबदेही तय कर रही है।