1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. देवरिया मेडिकल कॉलेज की टंकी में शव मिलने का मामला : शासन का बड़ा एक्शन, प्राचार्य को हटाया, DM को सौंपी जांच

देवरिया मेडिकल कॉलेज की टंकी में शव मिलने का मामला : शासन का बड़ा एक्शन, प्राचार्य को हटाया, DM को सौंपी जांच

यूपी (UP) के देवरिया जिले में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज (Maharishi Deoraha Baba Medical College) बड़ी लापरवाही और सनसनीखेज मामले को लेकर सुर्खियों में है। पानी टंकी से सड़ी-गली लाश बरामद होने के बाद लाश मिलने के मामले में शासन ने बड़ा एक्शन लिया है।

By santosh singh 
Updated Date

देवरिया। यूपी (UP) के देवरिया जिले में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज (Maharishi Deoraha Baba Medical College) बड़ी लापरवाही और सनसनीखेज मामले को लेकर सुर्खियों में है। पानी टंकी से सड़ी-गली लाश बरामद होने के बाद लाश मिलने के मामले में शासन ने बड़ा एक्शन लिया है। शासन ने मंगलवार देर रात प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल (Principal Dr. Rajesh Kumar Baranwal) को हटाते हुए उन्हें कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण से संबद्ध कर दिया है। इस घटना ने न सिर्फ मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है।

पढ़ें :- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके छह जून को लौटेंगे भारत, शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मांगा इस्तीफा

बताते चलें कि मेडिकल कॉलेज के ओपीडी और वार्ड में मरीजों को सप्लाई किए जा रहे पानी से कई दिनों से बदबू आ रही थी। इसकी शिकायत मिलने पर सफाई कर्मियों को जांच और सफाई के लिए भेजा गया। जब सफाईकर्मी पांचवीं मंजिल पर स्थित सीमेंटेड टंकी की सफाई करने पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। पानी की टंकी में एक शव पड़ा हुआ मिला, जो बुरी तरह सड़ चुका था और उसकी पहचान भी संभव नहीं हो सकी। पुलिस की मौजूदगी में कई घंटों की मशक्कत के बाद शव को टंकी से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शव फूल चुका था और पूरी तरह गल चुका था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह कई दिनों से टंकी में पड़ा हुआ था।

स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोसायटी का अध्यक्ष और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के तरफ से जारी पत्र के अनुसार, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एटा में एनाटॉमी की आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रजनी आचार्य को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया का कार्यवाहक प्राचार्य बनाया गया है। अगले आदेश तक वह इस पद पर बनी रहेंगी। आदेश में लिखा है कि यह निर्णय जन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को गंभीर खतरे के मद्देनजर लिया गया है। इसके अलावा शासन ने डीएम दिव्या मित्तल को मामले की जांच सौंपी है।

बता दें कि इससे पहले, जिलाधिकारी दिव्या मित्तल (District Magistrate Divya Mittal) मंगलवार को मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। उन्होंने सीधे ओपीडी बिल्डिंग के पांचवे तल पर जाकर पानी की टंकी का निरीक्षण किया। इस टंकी में सोमवार को एक सड़ी गली लाश बरामद की गई थी। जिलाधिकारी रैंप के सहारे चढ़कर पांचवी मंजिल पर पहुंची वहां दरवाजे की कुंडी टूटी हुई मिली। इस पर उन्होंने प्राचार्य राजेश बरनवाल से सवाल पूछे। प्राचार्य कुंडी टूटने का समुचित उत्तर नहीं दे सके। इसके बाद डीएम छत पर गई। वहां से टंकी का निरीक्षण किया। इसके बाद सीडीओ और पुलिस क्षेत्राधिकारी को अलग ले जाकर मंत्रणा किया। वापस आकर प्रिंसिपल से कहा कि जब तक अनुमति न दी जाए आप अपने की टंकी को साफ नहीं करेंगे जो भी काम होगा अब पुलिस के लोग करेंगे।

पढ़ें :- शिक्षा विभाग में प्रशासनिक दायित्व निर्धारण करते हुए सुधारों को गति देने की दिशा में योगी सरकार का महत्वपूर्ण कदम

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...