1. हिन्दी समाचार
  2. सेहत
  3. दूल्हा-दूल्हन की एंट्री को ग्रैंड दिखाने वाला ये सफेद धुआं हो सकता है जानलेवा, एमपी में मासूम बच्ची की मौत

दूल्हा-दूल्हन की एंट्री को ग्रैंड दिखाने वाला ये सफेद धुआं हो सकता है जानलेवा, एमपी में मासूम बच्ची की मौत

आजकल अपनी शादी को शानदार और भव्य दिखाने के लिए लोग न जाने क्या क्या जतन नहीं करते हैं। कभी कभी यही दिखावा सेहत पर भारी पड़ जाता है। ठीक ऐसे ही एमपी के राजगढ़ जिले में एक शादी में दूल्हा दूल्हे की एंट्री के लिए इवेंट मैनेजर ने लिक्विड नाइट्रोजन का इस्तेमाल किया।

By प्रिन्सी साहू 
Updated Date

आजकल अपनी शादी को शानदार और भव्य दिखाने के लिए लोग न जाने क्या क्या जतन नहीं करते हैं। कभी कभी यही दिखावा सेहत पर भारी पड़ जाता है। ठीक ऐसे ही एमपी के राजगढ़ जिले में एक शादी में दूल्हा दूल्हे की एंट्री के लिए इवेंट मैनेजर ने लिक्विड नाइट्रोजन का इस्तेमाल किया।

पढ़ें :- पीएम मोदी के जन्मदिन पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अंगदान दानकर पेश की अनूठी मिसाल, मरणोपरांत भी धड़केगा दिल

दरअसल लिक्विड नाइट्रोजन जब हवा के संपर्क में आता है तो काफी अधिक सफेद धुआं निकलने लगता है। इससे फॉग स्मोक जैसा माहौल हो जाता है। जो देखने में काफी शानदार लगता है, लेकिन सेहत के लिए बेहद खतरनाक होता है। इस शादी में दूल्हा दूल्हन की एंट्री के लिए एक बर्तन में लिक्विड नाइट्रोजन रखा गया था, जिसमें सात साल की मासूम बच्ची गिर गई और बुरी तरह से झुलस गई।

लिक्विड नाइट्रोजन की ठंडक का स्तर -195.8°C तक होता है, जिससे इंसान का शरीर फ्रॉस्टबाइट (ज्यादा ठंड से शरीर का गलना) या क्रायोजेनिक बर्न का शिकार हो जाता है।

लिक्विड नाइट्रोजन के बर्तन में गिरने से बच्ची का शरीर 80 प्रतिशत तक जल गया। उसे तुरंत इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह पांच दिन तक जिंदगी के लिए जूझती रही और 10 मई की रात उसकी मौत हो गई।
नाइट्रोजन गैस जहरीली नहीं होती है, लेकिन इस्तेमाल और मैनेजमेंट में लापरवाही बरतने पर यह काफी खतरनाक साबित हो सकती है।

नाइट्रोजन गैस हवा से भारी होती है। अगर यह किसी बंद जगह में फैल जाए तो ऑक्सीजन को खत्म कर सकती है। इससे सांस लेने में दिक्कत, बेहोशी और मौत तक हो सकती है। शादी जैसे भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में इस गैस के इस्तेमाल से खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

पढ़ें :- Roti Flour :  रोजाना की ऊर्जा के लिए चोकरयुक्त गेहूं का आटा, चुस्ती-फुर्ती बरकरार रहेगी

अगर लिक्विड नाइट्रोजन का धुआं सांस के जरिए फेफड़ों में चला जाए तो यह फेफड़ों की कोशिकाओं को फ्रीज कर सकता है। इससे सांस लेने में भी काफी दिक्कत होने का खतरा रहता है। लिक्विड नाइट्रोजन को गलत तरीके से स्टोर करने या गर्म करने पर यह तेजी से गैस में बदलती है, जिससे विस्फोट भी हो सकता है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...