हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) तेजी से युवाओं को अपना शिकार बनाती जा रही है। पहले इसे बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30 साल से कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। बता दें कि हाइपरटेंशन (Hypertension) को लेकर सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि ज्यादातर लोग इसका शिकार होने के बाद भी अनजान होते हैं कि उन्हें बीपी (BP) की बीमारी है।
नई दिल्ली। हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) तेजी से युवाओं को अपना शिकार बनाती जा रही है। पहले इसे बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30 साल से कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। बता दें कि हाइपरटेंशन (Hypertension) को लेकर सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि ज्यादातर लोग इसका शिकार होने के बाद भी अनजान होते हैं कि उन्हें बीपी (BP) की बीमारी है।
डॉक्टर इस बीमारी के लिए खानपान में गड़बड़ी, नींद की कमी, जंक फूड्स और ज्यादा नमक वाला खान इसकी बड़ी वजह बन रहे हैं। हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर (Silent Killer) कहा जाता है, क्योंकि समय के साथ इसका असर आपकी किडनी, दिल-ब्रेन और आंखों सभी पर पड़ सकता है। डॉक्टर कहते हैं, हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) को कंट्रोल में रखने के लिए खान-पान में सुधार करना सबसे जरूरी है। अध्ययनों में डैश डाइट प्लान (DASH Diet Plan) को ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) की समस्या में सबसे फायदेमंद बताया गया है।

डैश डाइट, ब्लड प्रेशर वालों के लिए कारगर
डैश डाइट यानी डायटरी अप्रोच टू स्टॉप हाइपरटेंशन को वैज्ञानिक ने हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के लिए प्रमाणित किया है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है कि इससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
इस डाइट में नमक वाली चीजों को कम करने के साथ फल-सब्जियां, साबुत अनाज, लो-फैट डेयरी, नट्स और पोटैशियम-मैग्नीशियम से भरपूर चीजों पर जोर दिया जाता है। रिसर्च में पाया गया है कि यह डाइट कुछ ही हफ्तों में ब्लड प्रेशर कम करने में मदद कर सकती है। सिर्फ बीपी ही नहीं बल्कि हृदय रोग, वजन को कंट्रोल करने और डायबिटीज का जोखिम कम करने में भी मददगार मानी जाती है।
डैश कैसे काम करती है?
डैश डाइट का मुख्य उद्देश्य आहार में सोडियम यानी नमक की मात्रा कम करना और ऐसे पोषक तत्व बढ़ाना है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लो-फैट डेयरी, बीन्स, नट्स और लीन प्रोटीन को प्राथमिकता दी जाती है। ज्यादा नमक, रेड मीट, चीनी और प्रोसेस्ड फूड्स की मात्रा इसमें काफी कम कर दी जाती है, क्योंकि ये सभी ब्लड प्रेशर की दिक्कतों को बढ़ाने वाले माने जाते हैं।

डैश डाइट में क्या खाना होता है?
डैश डाइट में पोषण से भरपूर और कम नमक वाले खाद्य पदार्थ खाने होते हैं। इसमें रोजाना फल और हरी सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है। इनमें पोटैशियम और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है।साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस, मल्टीग्रेन रोटी और दलिया को इस डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
लो-फैट दूध, दही और पनीर कैल्शियम का अच्छा स्रोत होते हैं जो ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं। प्रोटीन के लिए दालें, राजमा, चना, मछली और स्किनलेस चिकन को बेहतर विकल्प माना जाता है। बादाम, अखरोट और बीजों में हेल्दी फैट पाए जाते हैं जो हार्ट हेल्थ के लिए लाभकारी हो सकते हैं।
डैश डाइट ब्लड प्रेशर को कैसे कंट्रोल करती है?
डैश डाइट शरीर में सोडियम कम करके और जरूरी मिनरल्स बढ़ाकर ब्लड प्रेशर पर असर डालती है। ज्यादा नमक शरीर में पानी रोक सकता है जिससे रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ता है। डैश डाइट नमक कम करने पर जोर देती है जिससे यह दबाव घट सकता है।
डाइट में मौजूद पोटैशियम सोडियम के प्रभाव को संतुलित करने में मदद करता है। मैग्नीशियम और कैल्शियम भी रक्त वाहिकाओं की कार्यप्रणाली बेहतर बनाने में सहायक माने जाते हैं। डाइट में शामिल फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चीजें सूजन कम करने और हृदय स्वास्थ्य को सुधारने में मददगार है। इसके अलावा वजन कंट्रोल रखने में भी ये सहायक है। वजन कम होने से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा कम हो जाता है।