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आज उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में एक ‘ब्रेकथ्रू’ के रूप में है उभरा : सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, मैं उन सभी कंपनियों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इस पहले फार्मा कॉन्क्लेव के अवसर पर एमओयू किए हैं। उत्तर प्रदेश की फार्मा पॉलिसी पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हम पर विश्वास किया है। आज उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में एक ‘ब्रेकथ्रू’ के रूप में उभरा है। आज प्रदेश एक 'रेवेन्यू सरप्लस स्टेट' के रूप में कार्य कर रहा है। अब उत्तर प्रदेश में ‘पिक एंड चूज’ और पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति नहीं है। आज प्रदेश के पास अपनी 34 सेक्टोरल पॉलिसीज हैं। कोई भी निवेशक यहां आता है, तो सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से हम उसे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं।

By शिव मौर्या 
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा, देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से इसी माह राष्ट्र को समर्पित करने का हमारा प्रयास है। एयरपोर्ट से सटे लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि, वर्तमान में ₹1,200 करोड़ की लागत से ‘मेडटेक’ का एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है। इसमें राज्य सरकार पूरा सहयोग कर रही है और आईआईटी कानपुर के एलुमनाई भी सक्रिय रूप से सपोर्ट कर रहे हैं। आज से नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में केवल डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे, जबकि आज देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में हैं। प्रदेश के भीतर अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी चार लेन सड़कों के माध्यम से सुदृढ़ रूप से जुड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, मैं उन सभी कंपनियों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इस पहले फार्मा कॉन्क्लेव के अवसर पर एमओयू किए हैं। उत्तर प्रदेश की फार्मा पॉलिसी पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हम पर विश्वास किया है। आज उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में एक ‘ब्रेकथ्रू’ के रूप में उभरा है। आज प्रदेश एक ‘रेवेन्यू सरप्लस स्टेट’ के रूप में कार्य कर रहा है। अब उत्तर प्रदेश में ‘पिक एंड चूज’ और पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति नहीं है। आज प्रदेश के पास अपनी 34 सेक्टोरल पॉलिसीज हैं। कोई भी निवेशक यहां आता है, तो सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से हम उसे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं।

साथ ही कहा, डी-रेगुलेशन रैंकिंग में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक पर है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में भी उत्तर प्रदेश देश का टॉप अचीवर राज्य है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के माध्यम से राज्य के 13 अधिनियमों में मौजूद आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर उद्योगों को सुगम और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया गया है। उत्तर प्रदेश में आज ‘रूल ऑफ लॉ’ है। यहां कानून के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने की छूट नहीं है। यदि कोई व्यक्ति कानून को आंखें दिखाता है, तो कानून अपने दायरे में रहते हुए उसे उसी की भाषा में समझाता है। यही आज का उत्तर प्रदेश है।

एमएसएमई के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से यह दिखाया है कि लोकल को ग्लोबल कैसे बनाया जाता है। उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट’ योजना उसी यात्रा का सशक्त प्रतीक है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने कार्यरत थे। बीते नौ वर्षों में यह संख्या बढ़कर 30,000 से अधिक हो गई है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि डबल इंजन की सरकार, डबल स्पीड से उत्तर प्रदेश के विकास को आगे बढ़ा रही है।

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