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UP Panchayat Chunav Update : तीन महीने में पंचायत चुनाव होना बेहद मुश्किल, पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट बनी बड़ी वजह!

UP Panchayat Elections : पिछले महीने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया था और निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने का फैसला सुनाया था। लेकिन, हाईकोर्ट की ओर से तय समय-सीमा में पंचायत चुनाव कराना मुश्किल नजर आ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में तीन महीने के भीतर ग्राम पंचायत चुनाव कराने के हाईकोर्ट के आदेश के बीच पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट में देरी होने की संभावना है। 

By Abhimanyu 
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UP Panchayat Chunav Update : पिछले महीने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया था और निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने का फैसला सुनाया था। लेकिन, हाईकोर्ट की ओर से तय समय-सीमा में पंचायत चुनाव कराना मुश्किल नजर आ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में तीन महीने के भीतर ग्राम पंचायत चुनाव कराने के हाईकोर्ट के आदेश के बीच पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट में देरी होने की संभावना है।

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ओबीसी आरक्षण तय करने वाले पिछड़ा वर्ग आयोग को 20 नवंबर तक रिपोर्ट सौंपनी थी। रिपोर्ट की मानें तो 75 में से 50 जिलों का सर्वे पूरा हो चुका है जबकि, 25 जिलों का भ्रमण बाकी है। ऐसे में आयोग 3 महीने का अतिरिक्त समय मांग सकता है। ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए हर जिले की स्थिति को समझना जरूरी है। इसके लिए आयोग को जिलों में जाकर लोगों की बात सुननी है और जुटाए गए आंकड़ों का मिलान करना है। आयोग के लिए सभी जिलों से मिले आंकड़ों की सही तरीके से जांच करना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।  दावा यह भी किया जा रहा है कि 31 दिसंबर से पहले रिपोर्ट आने की संभावना नहीं है। रिपोर्ट में देरी से तय समय में ग्राम पंचायत चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण होगा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 14 जनवरी से पहले कराने होंगे, जोकि मौजूदा परिस्थितियों में मुमकिन नहीं लग रहा है। माना जा रहा है कि योगी सरकार इस मुद्दे पर या तो हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी या फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकती है। सूत्रों की मानें तो इस बारे में अतिरिक्त महाधिवक्ता से हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर विधिक परामर्श मांगा है और न्याय विभाग से भी परामर्श लिया जाएगा। जिसके बाद शासन अगला कदम उठाएगा।

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