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यूपी पुलिस-एसटीएफ ने एनकाउंटर में दो बदमाशों को किया ढेर, पीड़ित परिवार ने बांटी मिठाई, योगी का जताया आभार

यूपी पुलिस और एसटीएफ ने आतंक का पर्याय बने दो बदमाशों को रविवार की सुबह ढेर कर दिया। एसटीएफ ने एक लाख के इनामी सिराज अहमद को , तो पुलिस ने 50 हजार के इनामी आजाद उर्फ जुबैर उर्फ पीटरको  मार गिराया। लोगों को परेशान करना, उनमें दहशत फैलाना इन बदमाशों का मुख्य पेशा बन गया था।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। यूपी पुलिस और एसटीएफ ने आतंक का पर्याय बने दो बदमाशों को रविवार की सुबह ढेर कर दिया। एसटीएफ ने एक लाख के इनामी सिराज अहमद को , तो पुलिस ने 50 हजार के इनामी आजाद उर्फ जुबैर उर्फ पीटरको  मार गिराया। लोगों को परेशान करना, उनमें दहशत फैलाना इन बदमाशों का मुख्य पेशा बन गया था।

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पहला एनकाउंटर बुलंदशहर में हुआ। यहां पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश आजाद उर्फ जुबैर उर्फ पीटर को मारा गया। जबकि, इसका साथी भागने में सफल रहा। हालांकि इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारे गए बदमाश पर विभिन्न जिलों में हत्या और लूट जैसे 47 गंभीर मामले दर्ज थे। यह मेरठ जिले के श्यामनगर क्षेत्र के लिसाड़ी गेट का रहने वाला था।

एसएसपी दिनेश कुमार सिंह (SSP Dinesh Kumar Singh) ने बताया कि मारा गया बदमाश जुबैर उर्फ पीटर शातिर अपराधी था। 2 नवंबर 2025 को कोतवाली देहात क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना में यह वांछित चल रहा था। इस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। इसका एक साथी फरार हो गया है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार कॉम्बिंग कर रही है।

बताते चलें कि 6 अगस्त 2023 की शाम सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता आज़ाद अहमद की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात ने जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। पुलिस जांच में हत्या का मुख्य आरोपी के रूप में सिराज अहमद का नाम सामने आया था। इसके बाद से पुलिस को इसकी तलाश थी। लेकिन, वह फरार चल रहा था।

पुलिस ने इस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था। लगातार दबिश के बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। फरारी के दौरान मार्च 2025 में न्यायालय के आदेश पर उसकी करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की गई थीं। इसके बाद भी वह आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था।

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सिराज के एनकाउंटर में मारे जााने की खबर मिली तो अधिवक्ता आज़ाद अहमद के घरवालों की आंखों से आंसू छलक पड़ें। उन्होंने मिठाई बांटी और इस न्याय के लिए सीएम योगी का आभार जताया। मृतक अधिवक्ता के पिता मो. सलीम और भाई मुनव्वर ने कहा कि सीएम पर हमें भरोसा था, कि न्याय मिलेगा। आज हमें न्याय मिल गया।

पुलिस के अनुसार, सिराज अहमद का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हत्या, हत्या के प्रयास और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी रासुका जैसी गंभीर धाराओं में करीब 30 मुकदमे दर्ज हैं।

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