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RC Bhargava on US Tariff: ‘US की धौंस-धमकी नहीं चलेगी, भारत को एकजुट होने की जरूरत’, बोले मारुति सुजुकी चेयरमैन

अमेरिका ने 27 अगस्त को भारत पर  50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। जिसका असर कई तरह के प्रोडक्ट्स पर देखने को मिल रहा है। इस  टैरिफ वार के बीच मारुति सुजकी के चैयरमैन आर सी भार्गव  ने अमेरिका को लेकर करारा जवाब दिया है। भार्गव ने कहा कि भारत को भारतीय उत्पादों पर अमेरिका के 50 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ से निपटने और किसी भी तरह की दादागिरी का सामना करने के लिए एकजुट होने की जरूरत है।

By Aakansha Upadhyay 
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RC Bhargava on US Tariff: अमेरिका ने 27 अगस्त को भारत पर  50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। जिसका असर कई तरह के प्रॉडक्ट पर देखने को मिल रहा है। इस  टैरिफ वार के बीच मारुति सुजकी के चैयरमैन आर सी भार्गव  ने अमेरिका को लेकर करारा जवाब दिया है। भार्गव ने कहा कि भारत को भारतीय उत्पादों पर अमेरिका के 50 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ से निपटने और किसी भी तरह की दादागिरी का सामना करने के लिए एकजुट होने की जरूरत है।

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बता दें  नई दिल्ली में कंपनी की 44वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयर धारकों को संबोधित करते हुए, इंडियन ऑटो इंडस्ट्री के दिग्गज आर सी भार्गव ने कहा कि, “हम सभी हाल के महीनों में पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितता से वाकिफ हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई मायनों में देशों को सोचने पर मजबूर किया है. पारंपरिक नीतियों और रिश्तों, खासकर कूटनीति में टैरिफ का इस तरह इस्तेमाल पहली बार देखा जा रहा है.”  भार्गव ने कहा कि अमेरिका द्वारा कपड़ा, रत्न, जूते और रसायन जैसे भारतीय सामानों पर लगाया गया 50% टैरिफ छोटे निर्यातकों और नौकरीपेशा लोगों के लिए खतरा है, जो कार निर्माता के लिए महत्वपूर्ण ग्राहक आधार है।

धौंस-धमकी के आगे न झुकें… देश को एकजुट रहना होगा

भार्गव ने शेयर धारकों की बैठक में कहा, “भारतीय होने के नाते यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी गरिमा और सम्मान को बढ़ावा देने और बनाए रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें और इस मामले में किसी भी प्रकार की धौंस-धमकी के आगे न झुकें… राष्ट्र को एकजुट रहना होगा.” GST में कटौती से पुनर्जीवित होगी इंडस्ट्री उन्होंने कहा कि “छोटी कारों पर माल एवं सेवा कर (GST) की दरें कम करना घरेलू बाजार में ऑटो इंडस्ट्री में डिमांड को पुनर्जीवित करने के लिए महत्वपूर्ण होगा, जो वैश्विक व्यापार की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण दबाव में है.” उन्होंने कहा, “हम सभी को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री ने जो प्रस्ताव रखा है, उसके परिणामस्वरूप छोटी कारों पर जीएसटी घटकर 18% कर दिया जाएगा, लेकिन हमें आधिकारिक घोषणा होने तक इंतजार करना होगा.”
क्या है प्रस्ताव?

बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST Reforms) में सुधार का ऐलान किया था. जिसे त्योहारी सीजन के पहले लागू किए जाने की चर्चा है. सरकार ने 2017 के बाद से देश के सबसे बड़े टैक्स रिफॉर्म के तौर पर चुनिंदा वस्तुओं पर 40% की विशेष दर के साथ 5 और 18% स्लैब के साथ दो स्तरीय जीएसटी स्ट्रक्चर का सुझाव दिया है।

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सस्ती होंगी ये कारें
भारत में वाहनों पर जीएसटी में संभावित कमी से छोटी कारों की कीमतों में बड़ी कटौती देखने को मिल सकती है. हाल ही में जारी हुए HSBC की एक रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि, अगर छोटी कारों पर जीएसटी की दर मौजूदा 28% से घटाकर 18% कर दी जाए, तो इन वाहनों की कीमतों में लगभग 8% की कमी देखने को मिल सकती है. इसके अलावा मिड-साइज की कारों पर कुल 43%, लग्ज़री कारों पर 48% और एसयूवी पर सबसे ज़्यादा 50% तक का टैक्स लगता है. इन्हें भी 40% जीएसटी स्लैब में लाया जा सकता है.

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