1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. उत्तर प्रदेश की खनन नीति अब पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता का बन चुकी है संगम: सीएम योगी

उत्तर प्रदेश की खनन नीति अब पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता का बन चुकी है संगम: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि, उत्तर प्रदेश की खनन नीति अब पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता का संगम बन चुकी है। उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में खनन क्षेत्र की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है।

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि, उत्तर प्रदेश की खनन नीति अब पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता का संगम बन चुकी है। उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में खनन क्षेत्र की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र अब केवल खनिज उत्पादन का जरिया नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति, निवेश संवर्धन और स्थानीय रोजगार सृजन का प्रभावशाली केंद्र बन गया है।

पढ़ें :- Video Viral : मनचले ने छात्रा को अकेला देख की अश्लील हरकत, दिखाया अपना प्राइवेट, लड़की ने की जमकर धुनाई

उन्होंने आगे कहा, राज्य को स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स (SMRI) में शीर्ष रैंकिंग दिलाने के लिए विभाग द्वारा 70 से अधिक उप-संकेतकों पर ठोस कार्य किया गया है। राज्य के सभी खनन जनपदों में 100 प्रतिशत ‘माइन सर्विलांस सिस्टम’ लागू कर दिया गया है। पर्यावरणीय मंजूरियों की औसत अवधि में उल्लेखनीय सुधार आया है और नियामकीय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है। SMRI में ‘कैटेगरी-ए’ की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए शेष सुधारों को निश्चित समयसीमा में पूर्ण किया जाए।

अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण की गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ट्रांसपोर्टरों के साथ समन्वय बनाकर एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए। नदी के कैचमेंट एरिया में कहीं भी खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी और यदि ऐसी गतिविधियां सामने आती हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। केवल मानक GPS युक्त वाहन ही खनिज परिवहन हेतु अधिकृत किए जाएं और उन्हें वीटीएस मॉड्यूल से रीयल टाइम ट्रैक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा, संचालित पट्टों की निगरानी और वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस के माध्यम से खनन के वास्तविक आकलन की प्रक्रिया को और गति दी जाए। कम्पोजिट लाइसेंस प्रक्रिया को और तेज किया जाए तथा सम्भावित खनन क्षेत्रों की अग्रिम पहचान और भू-वैज्ञानिक रिपोर्टों की समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित की जाए। इस क्षेत्र को तकनीक-सक्षम बनाते हुए सभी ईंट भट्ठा संचालकों से संवाद कर नवाचारों से जोड़ा जाए। उपखनिजों के नए पट्टों की प्रक्रिया मानसून काल में पूरी की जाए, ताकि आगामी 15 अक्टूबर से खनन कार्य प्रारम्भ हो सके।

पढ़ें :- TMC NWC Meet : ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय कार्यसमिति का किया गठन, चंद्रिमा भट्टाचार्य को प्रदेश अध्यक्ष व कल्याण बनर्जी राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...