Delhi Jantar Mantar Students' Protest : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र और विपक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इस मुद्दे पर मोदी सरकार पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रही है। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी। जिसको लेकर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही सीजेपी ने तंज़ कसा है।
Delhi Jantar Mantar Students’ Protest : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र और विपक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इस मुद्दे पर मोदी सरकार पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रही है। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी। जिसको लेकर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही सीजेपी ने तंज़ कसा है।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप लोगों के कारण अब ये (सरकार) डर गए हैं… आप लोगों को ये पता नहीं होगा कि कल रात को साढ़े 12 बजे मोदी जी ने वीडियो जारी किया है। रात को साढ़े 12 बजे पहली बार मोदी जी ने वीडियो जारी किया है। पता नहीं कि उनकी नींद उड़ गयी है या नींद आ नहीं रही है। मोदी जी ने बोला ये सरकार युवाओं के लिए बहुत अच्छी है… ये सरकार बहुत संवेदनशील है… मोदी जी ने बोला- आज हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, ” मोदी जी आप कड़ी कार्रवाई करना चाहते हैं तो धर्मेन्द्र प्रधान को बर्खास्त करो। उसके नीच कुछ भी मंजूर नहीं होगा।”
छात्रों के नाम पीएम मोदी का वीडियो संदेश
पीएम मोदी ने गुरुवार देर रात एक्स पर जारी वीडियो संदेश में कहा, “फ्रेंड्स मैं जानता हूं कि पेपर लीक ये कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों विद्यार्थी और उनके अभिभावकों के लिए बहुत ही पीड़ादायक है और इसलिए पेपर लीक घटना से अब तक अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया।” उन्होंने कहा, “हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है। विभागों ने देर रात मुझे मसौदा भेजा है। इसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान हैं। इस पर शुक्रवार को कैबिनेट के बीच चर्चा होगी।”