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‘मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं…’ सत्यपाल मलिक का अस्पताल से नया संदेश

Satyapal Malik's new statement: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की हालत बहुत गंभीर है और उन्हें फिर से आईसीयू में भर्ती किया गया है। इस बात की जानकारी मलिक ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये दी है। साथ ही उन्होंने सरकार पर CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने का आरोप लगाया है। दरअसल, सीबीआई ने किरू जलविद्युत परियोजना में 2,200 करोड़ रुपये के सिविल कार्यों के ठेके में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में मलिक और पांच अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।

By Abhimanyu 
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Satyapal Malik’s new statement: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की हालत बहुत गंभीर है और उन्हें फिर से आईसीयू में भर्ती किया गया है। इस बात की जानकारी मलिक ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये दी है। साथ ही उन्होंने सरकार पर CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने का आरोप लगाया है। दरअसल, सीबीआई ने किरू जलविद्युत परियोजना में 2,200 करोड़ रुपये के सिविल कार्यों के ठेके में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में मलिक और पांच अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।

पढ़ें :- भाजपा सरकार में किसानों को कभी नहीं मिल पाया समय पर खाद-बीज, 10 वर्षों से किसानों को दे रहे धोखा: अखिलेश यादव

सत्यपाल मलिक ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘नमस्कार साथियों। मैं पिछले लगभग एक महीने के करीब से हस्पताल में भर्ती हूं और किड़नी की समस्या से जूझ रहा हूं। परसों सुबह से मैं ठीक था लेकिन आज फिर से मुझे ICU में शिफ्ट करना पड़ा। मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है। मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं- जब गवर्नर के पद पर था तो उस समय मुझे 150-150 करोड़ रूपए की रिश्वत की पेशकश भी हुई परंतु में मेरे राजनीतिक गुरु किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी चरणसिंह जी की तरह ईमानदारी से काम करता रहा ओर मेरा ईमान वो कभी डिगा नहीं सकें।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल आगे लिखते हैं- ‘…**जब मैं गवर्नर था उस समय किसान आंदोलन भी चल रहा था, मैंने बग़ैर राजनीतिक लोभ लालच के पद पर रहते हुए किसानों की मांग को उठाया। **फिर महिला पहलवानों के आंदोलन में जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक उनकी हर लड़ाई में उनके साथ रहा। **पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों के मामले को उठाया, जिसकी आज तक इस सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई है।’

उन्होंने आरोप लगाते हुए लिखा, ‘सरकार मुझे CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था, मैंने खुद प्रधानमंत्री जी को बताया था इस मामले में करप्शन है और उन्हें बताने के बाद में मैंने खुद उस टेंडर को कैंसिल किया, मेरा तबादला होने के बाद में किसी अन्य के हस्ताक्षर से यह टेंडर हुआ। मैं सरकार को और सरकारी एजेंसियों को बताना चाहता हूं कि मैं किसान कौम से हूं, मैं ना तो डरने वाला हूं ओर ना ही झूकने वाला हूं।’

कथित भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे मलिक ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, ‘सरकार ने मुझे बदनाम करने में पुरी ताकत लगा दी, अंत में मेरा सरकार से ओर सरकारी एजेंसियों से अनुरोध है कि मेरे प्यारे देश की जनता को सच्चाई जरूर बताना कि आपको छानबीन में मेरे पास मिला क्या? हालांकि सच्चाई तो यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने का मौका मिलने के बाद आज़ भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं ओर कर्ज में भी हूं। अगर आज मेरे पास धन दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाता- सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर) #satyapalmalik…’

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