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‘तुम कौन सी जाति की हो? मैं तुम्हारी हेकड़ी निकाल दूंगा…’ HDFC बैंक की महिला कर्मचारी का दावा, सहकर्मी के पति ने कही थीं ये बातें

Kanpur HDFC Bank Row : कानपुर में HDFC बैंक की शाखा में एक महिला कर्मचारी की ओर से अभद्र भाषा का इस्तेमाल के मामले में नया मोड़ आया है। इस घटना पर सफाई देते हुए बैंक कर्मचारी ने आस्था सिंह ने दावा किया है कि जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें उनकी बहस किसी ग्राहक से नहीं बल्कि, उसी बैंक में काम कर रही एक महिला कर्मचारी के पति से हुई थी। जिसने उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था।

By Abhimanyu 
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Kanpur HDFC Bank Row : कानपुर में HDFC बैंक की शाखा में एक महिला कर्मचारी की ओर से अभद्र भाषा का इस्तेमाल के मामले में नया मोड़ आया है। इस घटना पर सफाई देते हुए बैंक कर्मचारी ने आस्था सिंह ने दावा किया है कि जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें उनकी बहस किसी ग्राहक से नहीं बल्कि, उसी बैंक में काम कर रही एक महिला कर्मचारी के पति से हुई थी। जिसने उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था।

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सोशल मीडिया पर बहस का वीडियो वायरल होने पर बैंक कर्मचारी आस्था सिंह ने एक वीडियो शेयर कर मामले में सफाई पेश की है। उन्होंने कहा, “नमस्कार… जय श्रीराम! तो पिछले 24 से 36 घंटे में मैंने देखा है कि एक वीडियो इंस्टाग्राम और बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी वायरल हो रहा है। अभी तक इसमें एक पक्ष की कहानी सुनी गयी है तो अब मैं अपना पक्ष रखते हुए ये बयान देना चाहती हूं कि ये वीडियो है वो 6 जनवरी का वीडियो है। अभी का वीडियो नहीं है और ये कोई कस्टमर का वीडियो है और न मैंने किसी कस्टमर के साथ अभद्रता की है, जिसका ये वीडियो है। ये हमारे ही बैंक में कार्य कर रही एक महिला के हसबैंड के साथ मेरी बहस हुई है। उसका ये वीडियो है। जिसको गलत रुख दिया गया है कि मैंने किसी कस्टमर के साथ बदतमीजी की है और इसको जातिवाद का मुद्दा बनाया गया है।”

उन्होंने कहा, मैं आपको शुरुआत से बताती हूं कि हुआ क्या था… जो महिला हमारे साथ काम कर रही थीं। उन्होंने रेजिग्नेशन था और उन्हें सेम डे रिलिविंग चाहिए थी। उनकी ननद सुबह से आकर ब्रांच में बैठी हुईं थीं और उनकी ननद से मेरी थोड़ी बहुत बहस भी हुई थी सुबह। आगे उसने अपने भाई को सब बताया, जो हमारे साथ काम करने वाली महिला के पति थे। और उसके हसबैंड 4:30 बजे जब वर्किंग आवर खत्म हो जाता है तब बैंक में घुस करके उन्होंने मेरे साथ अभद्रता की। मुझसे डायरेक्टली पूछा कि कौन सी जाति की हो। इतनी अकड़ है, और मेरी डेस्क पर आकर कहा कि मैं तुम्हारी हेकड़ी निकाल दूंगा। मैं तुम्हारी सारी गर्मी निकाल दूंगा… अभद्र भाषा का इस्तेमाल उन्होंने मुझसे किया। इसके बाद मैं ये स्टेटमेंट दिया है।”

आस्था सिंह ने आगे कहा, “हां मेरे शब्द गलत हैं मैं पब्लिक की सेवा के लिए बैठी हूं, मुझे अपने शब्दों का चयन बहुत सोच समझकर करना चाहिए। लेकिन, कोई व्यक्ति मुझसे आकर ये कहेगा कि मैं तुम्हारी गर्मी निकाल दूंगा तो मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी। मैं जो कहा है कि मैं ठाकुर हूं… मुझे मेरे इस बयान पर गर्व है। जय श्रीराम…”

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