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कानपुर: 3200 करोड़ के ट्रांजेक्शन का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 25 लाख की लूट से खुला ‘पप्पू छुरी’ का पूरा काला खेल

पूरा मामला 16 फरवरी की रात श्यामनगर इलाके में हुई 25 लाख रुपये की लूट से शुरू हुआ। मो. वासिद और अरशद ने पुलिस को बताया कि बाइक सवार बदमाश उनसे नकदी लूटकर फरार हो गए। शुरुआत में दोनों बयान बदलते रहे और लूट की रिपोर्ट दर्ज कराने से भी बचते रहे। इसी बात ने पुलिस का शक बढ़ा दिया। जब पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो वारदात सही निकली...

By Harsh 
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Kanpur: कानपुर में 3200 करोड़ रुपये के संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन मामले में फरार चल रहे महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। कई महीनों से वह दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल में ठिकाने बदल-बदलकर छिप रहा था। पुलिस के मुताबिक वह मोबाइल इस्तेमाल नहीं करता था और केवल व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए संपर्क में रहता था। शहर लौटते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

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25 लाख की लूट से पुलिस को हुआ शक

पूरा मामला 16 फरवरी की रात श्यामनगर इलाके में हुई 25 लाख रुपये की लूट से शुरू हुआ। मो. वासिद और अरशद ने पुलिस को बताया कि बाइक सवार बदमाश उनसे नकदी लूटकर फरार हो गए। शुरुआत में दोनों बयान बदलते रहे और लूट की रिपोर्ट दर्ज कराने से भी बचते रहे। इसी बात ने पुलिस का शक बढ़ा दिया। जब पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो वारदात सही निकली, लेकिन दोनों युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। करीब आठ दिन बाद मुकदमा दर्ज हुआ।

जांच में सामने आया कि दोनों युवक जाजमऊ निवासी महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी के बैंक खाते से 3.20 करोड़ रुपये निकालकर ले जा रहे थे। उसी रकम में से 25 लाख रुपये लूटे गए थे। पुलिस ने जब पैसों के स्रोत की जांच शुरू की तो पूरा नेटवर्क सामने आने लगा।

12 बैंकों में 68 खाते, करोड़ों का खेल

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पुलिस को जांच में महफूज और उसके रिश्तेदारों के नाम पर 12 बैंकों में 68 खाते मिले। इन खातों में करीब ढाई साल में 1600 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन मिले, जबकि आयकर विभाग की जांच में यह आंकड़ा बढ़कर 3200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह रकम टेनरी, स्लॉटर हाउस, स्क्रैप कारोबार और कई बड़ी फर्मों से जुड़ी थी। करीब 400 कारोबारियों की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर बाद में कैश निकाली जाती थी। पुलिस को बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता का भी शक है।

नादिया में छिपा था आरोपी

मीडिया रिपोर्ट्स के मु​ताबिक, पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले महफूज पश्चिम बंगाल के नादिया जिला में छिपा हुआ था। वहां उसकी साली रहती है। जानकारी मिली है कि पश्चिम बंगाल चुनाव तक वह नादिया में ही रुका रहा। पुलिस अब वहां उसके नेटवर्क, रिश्तेदारों और संपर्कों की जांच कर रही है। अधिकारियों को शक है कि नादिया से ही फर्जी खातों और हवाला नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था।

ऐसे बना ‘पप्पू छुरी’

महफूज मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है। उसके पिता चमड़ा फैक्टरी में काम करते थे, जिसके चलते परिवार कानपुर आ गया। पहले उसने परचून और मोबाइल की दुकान चलाई। बाद में कोलकाता में शेविंग ब्लेड के कारोबार से जुड़ा, जिसके बाद लोग उसे ‘पप्पू छुरी’ कहने लगे। कानपुर लौटने के बाद उसने टेनरी कारोबार में काम किया और फिर फर्जी बैंक खातों के जरिए अवैध लेनदेन के धंधे में उतर गया।

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हवाला कनेक्शन की जांच

पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को लोन और सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके आधार, पैन और अन्य दस्तावेज हासिल करता था। फिर उन्हीं दस्तावेजों से बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया जाता था। कुछ खाताधारकों को कमीशन भी दिया जाता था। पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क का संबंध हवाला कारोबार से भी है। फिलहाल दिल्ली, पंजाब, गुजरात और हिमाचल प्रदेश तक फैले नेटवर्क की जांच की जा रही है। महफूज के खिलाफ कानपुर के अलग-अलग थानों में छह मुकदमे दर्ज हैं।

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