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इसकी गारंटी कौन लेगा कि अगली बार परीक्षा आयोजित किये जाने पर घपला-घोटाला नहीं होगा: अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि, अगर पुलिस भर्ती, एआरओ, नीट जैसी धांधली की शिकार अन्य परीक्षाएं रद्द होकर दुबारा होती भी हैं तो इस बात की गारंटी कौन लेगा कि अगली बार परीक्षा आयोजित किये जाने पर ऐसा कुछ भी घपला-घोटाला नहीं होगा। जब सरकार वही है और उसकी व्यवस्था भी वही है तो ये सब धांधलियां कहीं फिर से सरकार संरक्षित ‘परीक्षा माफ़ियाओं’ के लिए पैसा कमाने का ज़रिया न बन जाएं।

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। नीट परीक्षा को लेकर देशभर में विवाद जारी है। विपक्षी दल इसको लेकर लगातार सराकर पर निशाना साध रहे हैं। अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि,अगर पुलिस भर्ती, एआरओ, नीट जैसी धांधली की शिकार अन्य परीक्षाएं रद्द होकर दुबारा होती भी हैं तो इस बात की गारंटी कौन लेगा कि अगली बार परीक्षा आयोजित किये जाने पर ऐसा कुछ भी घपला-घोटाला नहीं होगा।

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अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि, विभिन्न परीक्षाओं का पेपर लीक होना, परीक्षा में सेंटर से लेकर सॉल्वर तक की धांधली होना, परीक्षा करानेवाली एजेंसी का काम शक़ के घेरे में आना, रिज़ल्ट में ग्रेस मॉर्क्स की हेराफेरी होना, मनचाहे सेंटर मिलना, एक ही सेंटर से कई कैंडिडेट का सेलेक्ट होना और 100% आना केवल एग्ज़ाम मैनेजमेंट की समस्या नहीं है। इन सबसे बढ़कर ये एक मानसिक त्रासदी है जिससे न केवल परीक्षा देनेवाले युवा बल्कि उनके माता-पिता भी ग्रसित हो रहे हैं।

उन्होंने आगे लिखा कि, अगर पुलिस भर्ती, एआरओ, नीट जैसी धांधली की शिकार अन्य परीक्षाएं रद्द होकर दुबारा होती भी हैं तो इस बात की गारंटी कौन लेगा कि अगली बार परीक्षा आयोजित किये जाने पर ऐसा कुछ भी घपला-घोटाला नहीं होगा। जब सरकार वही है और उसकी व्यवस्था भी वही है तो ये सब धांधलियां कहीं फिर से सरकार संरक्षित ‘परीक्षा माफ़ियाओं’ के लिए पैसा कमाने का ज़रिया न बन जाएं।

साथ ही लिखा कि, युवा मानस वैसे ही बहुत नाज़ुक होता है, ऐसे में उनको संभालना माता-पिता के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होता है। ऐसी घटनाओं से हताश-निराश होकर, जब माता-पिता ख़ुद व्यवस्था पर भरोसा खो देते हैं और उन्हें अपने बच्चों का भविष्य अंधकारमय दिखने लगता है तो भला वो क्या अपने बच्चों का सहारा बनेंगे। इसीलिए सरकार इस संकट को एक मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी देखे और कम-से-कम युवाओं के मामलों को अपने चौतरफ़ा भ्रष्टाचार से मुक्त रखे। ये देश के भविष्य का सवाल है।

 

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