एक कश्मीरी मुस्लिम युवक ने खुद को मोदी का समर्थक बताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया है। युवक का कहना है कि वह देश को नेपाल और बांग्लादेश नहीं बनने देना चाहता है।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपना गुस्सा दिल्ली में एक मोदी समर्थक कश्मीरी मुस्लिम युवक पर निकाल दिया। श्रीनगर से आए युवक ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार, ईवीएम और मोदी के समर्थन में बात करने की वजह से उसे बुरी तरह पीटा गया।
श्रीनगर के रहने वाले फहीम नाजिर गुरूवार को कनाट प्लेस में उस रेस्टोरेंट के पास पहुंचा था जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी दलों के सांसदों को लंच पर बुलाया था। मीडिया से बात करते हुए फहीम ने बताया कि, तभी उसने मोदी के समर्थन में और ईवीएम को लेकर अपनी बातें रखनी शुरू की बस फिर क्या था इसी बात पर वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गये और उसे पीटने लगे।
#WATCH | Delhi | A youth, claiming to be a fan of PM Modi, arrived at Connaught Place, where he was roughed up by protesters. The protesters alleged that the man was verbally abusing the LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi. pic.twitter.com/eavftUiz1C
— ANI (@ANI) October 8, 2026
इतना ही नहीं पीड़ित का आरोप है कि जब उसने मीडिया के सामने इस घटना को बताना शुरू किया तब भी कई लोगों द्वारा उसे भगाने का प्रयास किया गया। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि युवक ने राहुल गांधी को गाली दी थी।
फहीम का दावा है कि वह किसी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़ा नहीं है, लेकिन वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक है। उसने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसने राहुल गांधी को कोई गाली नहीं दी और मौके पर मौजूद मीडिया कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। उसका कहना है कि यदि फुटेज में वह राहुल गांधी को गाली देते हुए दिखाई दे, तो वह माफी मांगने के लिए तैयार है।
मीडिया रिपोर्टों में सामने आए वीडियो फुटेज में फहीम हाथ में प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन वाला पोस्टर लेकर नारे लगाता दिखाई देता है। इसके बाद कुछ लोग वहां पहुंचकर मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आते हैं। इसी दौरान फहीम के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखती है।
फहीम ने चुनावी प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर विपक्ष के सवालों पर भी निशाना साधा। उसने कहा कि चुनाव हारने पर ही ईवीएम पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं। फिलहाल घटना को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।