आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने प्रेस कांफेंस कर कहा कि एक तरफ़ प्रभु श्री राम मंदिर (Shri Ram Temple) में महा-डकैती हुई है और दूसरी तरफ़ इस डकैती में शामिल राक्षसों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों का कहना है कि उनकी आत्मा को तब तक शांति नहीं मिलेगी, जब तक इस डकैती में शामिल बड़े-बड़े लोगों को फांसी की सज़ा नहीं होगी।
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने प्रेस कांफेंस कर कहा कि एक तरफ़ प्रभु श्री राम मंदिर (Shri Ram Temple) में महा-डकैती हुई है और दूसरी तरफ़ इस डकैती में शामिल राक्षसों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों का कहना है कि उनकी आत्मा को तब तक शांति नहीं मिलेगी, जब तक इस डकैती में शामिल बड़े-बड़े लोगों को फांसी की सज़ा नहीं होगी।
अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि प्रभु श्री राम ने अपने पिता महाराज दशरथ की आज्ञा का पालन करते हुए सत्ता ठुकरा दी और 14 वर्ष का वनवास स्वीकार कर लिया। उन्हीं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के नाम का इस्तेमाल कर चंदा चोर पार्टी सत्ता में आई और सत्ता में आते ही राम मंदिर को अपने पैसों की हवस का शिकार बना दिया।
श्री राम मंदिर में हुई करोड़ों के चढ़ावे की चोरी पर अयोध्या से @ArvindKejriwal जी की महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता | LIVE https://t.co/Yqx8iVd7Ty
— AAP (@AamAadmiParty) June 26, 2026
AAP राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि सिंधी एसोसिएशन ने 26 जनवरी 2021 को 200 किलो चांदी दान में दी, लेकिन उन्हें उसकी रसीद नहीं मिली। उन्हें विश्वास था कि वे भगवान के चरणों में चढ़ावा चढ़ा रहे हैं, इसलिए रसीद की कोई ज़रूरत नहीं है। लेकिन आज जब वे चोरी से जुड़ी खबरें देख रहे हैं, तो मंदिर का प्रबंधन करने वालों और उनके आकाओं पर उनका विश्वास डगमगा गया। जिन लोगों ने अपना सब कुछ बेचकर भगवान श्री राम पर लुटा दिया, आज उनकी आस्था को गहरी ठेस पहुंची है।
देश जानना चाहता है कि प्रभु श्री राम के मंदिर से चोरी हुए अरबों रुपये, सोना, चांदी, जवाहरात और भगवान की पादुकाएं कहां गईं? प्रधानमंत्री मोदी ने चंपत राय से हिसाब-किताब मांगा, लेकिन चंपत राय ने उन्हें रिकॉर्ड देने से इनकार कर दिया, आखिर चंपत राय के पास ऐसी कौन-सी जानकारी है, जिसके सामने प्रधानमंत्री मोदी भी बेबस नज़र आ रहे हैं?