Shri Krishna Janmashtami Special : माता के गर्भ में आते ही माता और पिता को कारावास। भादो की काली आधीरात में कारागार में ही जन्म। पिता ने शिशु की सुरक्षा के लिए बड़ी कठिनाई से बरसते मेघो और उफनाई यमुना को पार कर दूसरे के घर तक पहुँचाया। अपने माता
Shri Krishna Janmashtami Special : माता के गर्भ में आते ही माता और पिता को कारावास। भादो की काली आधीरात में कारागार में ही जन्म। पिता ने शिशु की सुरक्षा के लिए बड़ी कठिनाई से बरसते मेघो और उफनाई यमुना को पार कर दूसरे के घर तक पहुँचाया। अपने माता
Janmashtami Puja Shankh : आज देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। भगवान कृष्ण का प्राकट्य मध्य रात्रि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसलिए हर साल इस
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आज ग्रह-नक्षत्रों का अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है। आज के दिन अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे विशेष शुभ संयोग बन रहे हैं, जिन्हें हर कार्य की सफलता के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसके साथ ही वृद्धि योग, ध्रुव योग,
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) का पर्व आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मथुरा और वृंदावन में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) जन्मस्थान पर पहुंच चुके हैं। इस दौरान जन्मस्थान पर सुरक्षा के पुख्ता
Janmashtami 2025 2025 : आज देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। भगवान कृष्ण का प्राकट्य मध्य रात्रि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसलिए हर साल इस
Rashifal 16 August 2025: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, ज्वालामुखी योग समेत कई शुभ योग बन रहे हैं। शनिवार के दिन सूर्य कर्क राशि से सिंह में जाते हुए बुध के साथ युति बनाकर बुधादित्य योग बनाएंगे। इस योग में न्याय के देवता शनिदेव की मेष, कर्क, तुला
भगवान श्री कृष्ण परम दयालु और कृपालू है। वो पाने भक्त को कभी दुख में नहीं देख सकते हैं। ऐसे में ये व्रत बहुत खास होता है। वहीं कभी कभी हम लोग जब कोई खास व्रत होता है तो हम किसी कारण व्रत नहीं रख पाते हैं। कल जन्माष्टमी का
नई दिल्ली। जन्माष्टमी का भारत के साथ दुनिया के कई कोनों में धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार 16 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। भागवान कृष्ण का जन्मोत्सव के अवसर पर लोग काफी सारी तैयारियां पहले से ही कर लेते हैं। भगवान कृष्ण को मेवे
Shri Krishna Janmashtami 2025 : भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाता है। इस बार कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 16 अगस्त यानी कल पूरे देश में मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इसी तिथि और नक्षत्र में रात 12 बजे
Krishna Janmashtami 2025 : सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार भगवान कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 16 अगस्त को मनाया जाना है। जन्माष्टमी के दिन ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। हिंदी पंचांग के अनुसार, भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि
15 अगस्त 2025 का राशिफल: 15 अगस्त शुक्रवार के दिन सूर्य से द्वादश भाव में शुभ ग्रह गुरु की मौजूदगी होने से वाशी योग बन रहा है। ऐसे में धन की देवी माता लक्ष्मी वृषभ, कन्या, धनु और कुंभ राशि पर मेहरबान रहने वाली हैं, जिससे इनका पूरा दिन खुशियों
Janmashtami Vrat Me Kya Khaye : भारत में जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार 16 अगस्त को मनाई जाएगी। अलग-अलग त्योहारों के व्रत को लेकर अलग मान्यताएं होती हैं। साथ ही, कुछ भक्त उपवास भी रखते हैं। कोई फलाहार व्रत रखता है,
Krishna janmashtami 2025 : सनातन धर्म में भक्त गण भगवान कृष्ण की भक्ति का मार्ग चुनते है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार कृष्ण चरित्र में जीवन जीने का दर्शन छिपा हुआ है। भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी प्रत्येेक वस्तुएं कुछ न कुछ संदेश देती है। भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी संगीत
5 Lucky Zodiac Sign, 14 August 2025 : भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 14 अगस्त दिन गुरुवार को चंद्रमा का गोचर मीन से मेष राशि में होने जा रहा है। आज चंद्रमा से तीसरे भाव में गुरु शुक्र के होने से वसुमान योग (Vasuman Yoga) का संयोग
Guru Gochar : देवताओं गुरु बृहस्पति देव गोचर करते हुए पुनर्वसु नक्षत्र में कदम रखा है। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी ग्रह बृहस्पति और राशि स्वामी बुध हैं। नक्षत्र की देवी अदिति हैं। इस नक्षत्र पर गुरु का प्रभाव होने के कारण इसे शुभ माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार,