Srjan-Sangharsh Aur Shakhsiyat : प्रोफेसर संजय द्विवेदी की लेखनी को किसी परिधि में बांधना संभव नहीं है। 1994 में भोपाल के दैनिक भास्कर से अपनी सक्रिय पत्रकारिता प्रारंभ करने वाले प्रोफेसर द्विवेदी इस क्षेत्र में तीन दशक पूरे कर चुके हैं। इस दौरान उनके हिस्से 35 से अधिक किताबें, विपुल
