लखनऊ। यूपी में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर बागी सुर अपनाए हुए हैं। लखनऊ की मोहनलाल गंज लोकसभा सीट से पूर्व भाजपा सांसद कौशल किशोर ने अपने ताजा बयान में विरोध-प्रदर्शनों को रोकने के प्रयासों की आलोचना की है। उनकी टिप्पणी सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दो दिन बाद सामने आयी है। इससे पहले भी पूर्व सांसद अपनी ही सरकार की आलोचना कर चुके हैं।
लखनऊ। यूपी में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर बागी सुर अपनाए हुए हैं। लखनऊ की मोहनलाल गंज लोकसभा सीट से पूर्व भाजपा सांसद कौशल किशोर ने अपने ताजा बयान में विरोध-प्रदर्शनों को रोकने के प्रयासों की आलोचना की है। उनकी टिप्पणी सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दो दिन बाद सामने आयी है। इससे पहले भी पूर्व सांसद अपनी ही सरकार की आलोचना कर चुके हैं।
दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन देखते हुए यूपी में कई ट्रेनें रद्द कर दी गयीं थी। इसके साथ ही दिल्ली जा रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। जिसकी सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने आलोचना की थी। रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भी विरोध-प्रदर्शनों को रोकने के कोशिशों के खिलाफ टिप्पणी की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर ने सवाल उठाया- “पता नहीं कौन धरना-प्रदर्शन रोकने की राय दे रहा है?”

आगे उन्होंने कहा, “इतिहास गवाह है लोकतंत्र में जिसने भी धरना प्रदर्शन रोकने का प्रयास किया है जनता उसके ख़िलाफ़ खड़ी हो जाती है।” ये पहला मौका नहीं है जब कौशल किशोर ने अपनी सरकार की आलोचना की हो। पिछले महीने उन्होंने सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने और आउटसोर्सिंग व्यवस्था चलाने पर गंभीर आपत्ति जताई थी। इससे पहले उन्होंने इशारों-इशारों में संगठन के अपने उद्देश्यों से भटकने का आरोप लगाया था।
वहीं, राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवारों के ऐलान के बाद उनके बेटे विकास किशोर के बागी तेवर दिखाये थे, जिससे पार्टी में अंदरूनी असंतोष के संकेत मिले थे। सोशल मीडिया पर ‘जहां मान-सम्मान न हो वहां न रहने’ का दर्द छलकाते हुए विकास किशोर ने परिवार के भाजपा छोड़ने के कयासों को हवा दे दी थी। बता दें कि कौशल किशोर की पत्नी जय देवी कौशल मलिहाबाद सीट से भाजपा विधायक हैं। 9 अक्टूबर को पूर्व केंद्रीय मंत्री और उनका परिवार सीएम योगी से मिला था। जिसके बाद कौशल किशोर की ताजा टिप्पणी की तरह सियासी अटकलों को हवा दे रही है।