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आक्रांताओं का महिमामंडन करना, देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी करना किसी राष्ट्रद्रोह से कम नहीं : सीएम योगी

यदि कोई अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए उन आक्रांताओं का महिमामंडन करता है, जिन्होंने भारत की आत्मा पर प्रहार किया और भारत की आस्था को रौंदने का कार्य किया, तो मुझे लगता है कि आज का 'नया भारत' और 'नया उत्तर प्रदेश' इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। आक्रांताओं का महिमामंडन करना, देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी करना या राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना… किसी राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है।

By शिव मौर्या 
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लखनऊ। यूपी विधान परिषद में सीएम योगी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर कहा कि ‘राज्यपाल’ प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख होता है और एक संवैधानिक प्रमुख के प्रति हमारे प्रतिपक्ष, विशेषकर मुख्य प्रतिपक्ष का जो आचरण रहा है, वह न केवल लोकतंत्र को कमजोर करता है, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख हस्तियों की अवमानना के दायरे में भी आता है।

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उन्होंने आगे कहा, यह हम सबका दायित्व बनता है कि हम अपने राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करें, संविधान की व्यवस्था के अंतर्गत संवैधानिक प्रमुखों के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखें और कोई ऐसा आचरण न करें जो देश की भावी पीढ़ी को गलत दिशा की ओर अग्रसर करे। डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के कारण आज उत्तर प्रदेश Bottleneck से देश की अर्थव्यवस्था का एक Breakthrough बनने में सफल हुआ है। अब उत्तर प्रदेश Revenue Deficit से Revenue Surplus तथा उपद्रव से उत्सव प्रदेश के रूप में अपनी यात्रा को मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, डबल इंजन सरकार के कार्यों का परिणाम है कि जनकल्याणकारी योजनाएं, रोजगार सृजन के अभियान, प्रदेश को Investment के बेहतरीन Destination के रूप में स्थापित करने के प्रयास तथा सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से उत्तर प्रदेश को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम प्रभावी ढंग से देखने को मिल रही है।

विकास की पहली शर्त Rule of Law है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने पूरी मजबूती के साथ कार्य किया। प्रदेश में रिकॉर्ड पुलिस भर्तियां की गईं, महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया, युवाओं के लिए नई-नई योजनाएं बनाईं तथा मॉडर्न पुलिसिंग और सुदृढ़ साइबर एवं फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कार्य किया गया। अभी प्रयागराज में माघ मेला संपन्न हुआ है। कल महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रयागराज में 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया। इससे पहले माघ मेले में कुछ लाख श्रद्धालु ही आते थे, जबकि इस बार 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई।

मुख्यमंत्री ने कहा, विगत आठ वर्षों में 2,19,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई, जिनमें 20 प्रतिशत आरक्षण बेटियों के लिए दिया गया। उस समय उत्तर प्रदेश पुलिस बल में कुल 10,000 महिला कार्मिक थीं, जो आज बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई हैं। पुलिस की क्षमता और प्रशिक्षण क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। आज पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। अब खपरैल के बैरकों के स्थान पर हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस कार्मिकों के लिए बैरक बनाए गए हैं। सात पुलिस कमिश्नरेट मॉडर्न पुलिसिंग का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रत्येक जनपद में स्थापित साइबर थाना और साइबर सेल इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बना रहे हैं।

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साथ ही कहा, यदि कोई अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए उन आक्रांताओं का महिमामंडन करता है, जिन्होंने भारत की आत्मा पर प्रहार किया और भारत की आस्था को रौंदने का कार्य किया, तो मुझे लगता है कि आज का ‘नया भारत’ और ‘नया उत्तर प्रदेश’ इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। आक्रांताओं का महिमामंडन करना, देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी करना या राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना… किसी राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा, वंदे मातरम् का 150वां वर्ष चल रहा है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आभारी हैं, जिन्होंने राष्ट्रगीत को अनिवार्य रूप से देश में लागू करने के लिए एक अधिसूचना जारी करवाई। यह ‘राष्ट्रगीत’ भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है। विपक्ष एक तरफ संविधान के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंकने का कार्य कर रहा है और दूसरी तरफ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का विरोध करवा रहा है। इनके सदस्य धड़ल्ले से कह रहे हैं कि हम वंदे मातरम् के लिए खड़े नहीं होंगे, हम इसे नहीं गाएंगे। इसका क्या अर्थ है?

 

 

 

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