उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में यमुना नदी बुधवार शाम दर्दनाक हादसे की गवाह बन गई। बच्चों और महिलाओं से भरी एक नाव अचानक नदी के बीच पलट गई, जिसमें सवार 6 लोग तेज बहाव में लापता हो गए। पूरी रात चले सर्च ऑपरेशन के बाद गुरुवार सुबह 3 शव बरामद किए गए, जबकि अब भी तीन मासूम बच्चों की तलाश जारी है। घाट किनारे बैठे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है...
हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में यमुना नदी बुधवार शाम दर्दनाक हादसे की गवाह बन गई। बच्चों और महिलाओं से भरी एक नाव अचानक नदी के बीच पलट गई, जिसमें सवार 6 लोग तेज बहाव में लापता हो गए। पूरी रात चले सर्च ऑपरेशन के बाद गुरुवार सुबह 3 शव बरामद किए गए, जबकि अब भी तीन मासूम बच्चों की तलाश जारी है। घाट किनारे बैठे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खरबूजा खाने गए थे बच्चे, लौटते समय हुआ हादसा
यह हादसा कुरारा थाना क्षेत्र के कुतुबपुर पटिया गांव के पास हुआ। गांव में एक शादी समारोह के बाद कुछ लोग नाव से यमुना पार टापू पर गए थे। वहां सभी ने खरबूजा और ककड़ी खाई। शाम करीब 6 बजे जब सभी लोग वापस लौट रहे थे, तभी अचानक मौसम खराब हो गया। तेज आंधी और बारिश के बीच नदी में नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। नाव में बच्चों समेत कुल 9 लोग सवार थे।
नाविक ने बचाईं तीन जानें, बाकी बह गए
नाव चला रहे धीरू नाम के युवक ने किसी तरह विष्णु, रिंकू और पारुल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन बाकी लोग तेज धारा में बह गए।
लापता लोगों में ब्रजरानी (25), आकांक्षा (9), रानी (9), लभ्यांश (5), गोरेलाल (6) और आदित्य (11) शामिल थे। गुरुवार सुबह ब्रजरानी और दोनों बच्चियों रानी और आकांक्षा के शव बरामद कर लिए गए, जबकि तीन बच्चों की तलाश अब भी जारी है।

आंधी और लगातार बारिश की वजह से बुधवार रात करीब 11 बजे रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। गुरुवार सुबह 6 बजे एनडीआरएफ और फ्लड पीएसी की टीमों ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब 100 जवानों की टीम 10 नावों की मदद से यमुना में लापता बच्चों की तलाश कर रही है। गोताखोर नदी के गहरे हिस्सों में लगातार खोजबीन कर रहे हैं।
घाट किनारे पसरा मातम
घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। घाट किनारे बैठे परिजन हर गुजरते पल के साथ टूटते नजर आए। कोई बच्चों की तस्वीर लेकर रोता दिखा तो कोई नदी की ओर टकटकी लगाए बैठा रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम अचानक खराब हुआ, जिससे नाव संभालना मुश्किल हो गया। वहीं प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

जिस घर में एक दिन पहले तक शादी की खुशियां थीं, वहां अब चीख-पुकार गूंज रही है। विदाई के अगले ही दिन परिवार पर ऐसा दुख टूटा कि पूरा गांव सदमे में है। फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस लापता तीन बच्चों को ढूंढने पर है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी बच्चों का पता नहीं चल जाता, रेस्क्यू अभियान जारी रहेगा।