1. हिन्दी समाचार
  2. पर्दाफाश
  3. ’56 इंच के सीने’ का दावा करते हैं चार महिलाएं एक फ्लेक्स बैनर लेकर पास गईं तो डर गए…’ महुआ मोइत्रा ने PM मोदी पर साधा निशाना

’56 इंच के सीने’ का दावा करते हैं चार महिलाएं एक फ्लेक्स बैनर लेकर पास गईं तो डर गए…’ महुआ मोइत्रा ने PM मोदी पर साधा निशाना

Government-Opposition Deadlock : लोकसभा में बुधवार को हंगामें के चलते पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण न होने पर अब सियासत गरमाने लगी है। भाजपा के कुछ नेताओं ने दावा किया है कि कांग्रेस अपनी महिला सांसदों को आगे करके पीएम मोदी के खिलाफ किसी अप्रिय घटना को अंजाम देना चाहती थी। अब लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि यदि उस दिन कोई भी अप्रिय घटना होती तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होता। जिस पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

By Abhimanyu 
Updated Date

Government-Opposition Deadlock : लोकसभा में बुधवार को हंगामें के चलते पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण न होने पर अब सियासत गरमाने लगी है। भाजपा के कुछ नेताओं ने दावा किया है कि कांग्रेस अपनी महिला सांसदों को आगे करके पीएम मोदी के खिलाफ किसी अप्रिय घटना को अंजाम देना चाहती थी। अब लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि यदि उस दिन कोई भी अप्रिय घटना होती तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होता। जिस पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

पढ़ें :- By-Election : पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा व तीन राज्यों की इन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का एलान, जानें कब होगी वोटिंग और मतगणना?

लोकसभा स्पीकर बिरला की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पीटीआई से कहा, “…उन्हें (पीएम मोदी) किस बात का डर है? किस बात से डर रहे हैं, पीएम साहब?… वह ’56 इंच के सीने’ का दावा करते हैं। चार महिलाएं उनके पास गईं। उनके हाथों में एक फ्लेक्स बैनर के अलावा कुछ नहीं था, कोई हथियार नहीं, बिल्कुल कुछ नहीं… वह डर के मारे पीछे हट गए। उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं था, देने के लिए कुछ नहीं था। और आज, उन्होंने बिरला जी (ओम बिरला) को सिखा-पढ़ाकर यह सब कहने के लिए भेजा है। वह किसी को बेवकूफ नहीं बना रहे हैं।”

पढ़ें :- 'मेक इन इंडिया' और 'वोकल फॉर लोकल' सिर्फ़ नारे हैं, मोदी सरकार की नीतियां सिर्फ़ बड़े उद्योगपतियों के लिए हैं : राहुल गांधी

लोकसभा स्पीकर ने क्या कहा? 

लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने बुधवार को कहा कि, यदि उस दिन कोई भी अप्रिय घटना होती तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होता। साथ ही देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान भी पहुंचता। स्पीकर ने कहा, संसद लोकतंत्र का सबसे पवित्र मंच है और यहां इस तरह का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है बल्कि देश की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है। उन्होंने सभी सांसदों से संयम बरतने और संसदीय मर्यादाओं का पालन करने की अपील की।

स्पीकर ने भी कहा कि, उन्हें ठोकस जानकारी मिली थी कि, जब प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान जवाब देने वाले थे तब कांग्रेस के कुछ सदस्य कोई अप्रत्याशित कदम उठा सकते हैं। संभावित स्थिति को भांपते हुए और किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के उद्देश्य से उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री से सदन में न आने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि, उनका कहना था कि यह फैसला पूरी तरह एहतियात के तौर पर लिया गया था, ताकि हालात बिगड़ने से पहले ही उन्हें नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने अंत में कहा कि संसद केवल बहस का मंच नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...