लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow Kanpur Expressway) के शुरू होने के महज 26 दिनों के भीतर 74 स्थानों पर गड्ढे और सड़क क्षतिग्रस्त होने के आरोप लगे हैं। यहां तक कि यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच तक पहुंच गया और अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया।
लखनऊ । लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow Kanpur Expressway) के शुरू होने के महज 26 दिनों के भीतर 74 स्थानों पर गड्ढे और सड़क क्षतिग्रस्त होने के आरोप लगे हैं। यहां तक कि यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच तक पहुंच गया और अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया। अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा एक्शन लिया है। प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे में निर्माण दोष और सड़क धंसने की घटनाओं के कारण पीएनसी इन्फ्राटेक और उसकी सहायक कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड को 3 साल के लिए बैन कर दिया है। यानी कि नए प्रोजेक्ट्स की बोली लगाने से रोक दिया है।
यह है मामला
बता दें, अवध एक्सप्रेसवे (Awadh Expressway) के उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों बाद सड़क के कई हिस्सों में फिसलने और समय से पहले नुकसान की शिकायतों के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा कदम उठाया है। NHAI ने 11 सितंबर 2026 को जारी पत्र के जरिए अवध एक्सप्रेसवे (Awadh Expressway) से संबंधित प्रतिबंध को इसकी प्रमोटर कंपनी PNC Infratech तक बढ़ा दिया है।
बैन के आदेश के बाद कंपनी के शेयरों में 20% की भारी गिरावट आई। बीएसई (BSE) पर यह पिछले सत्र में 140.40 रुपये पर बंद हुआ था और आज 130.10 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान यह 116.25 रुपये तक गिरा जो इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर है। इसका 3 साल का उच्चतम स्तर 325.15 रुपये है। पिछले साल 17 सितंबर को यह इस स्तर पर पहुंचा था।
ठेके की शर्तों के तहत कंपनी के खिलाफ यह अधिकतम दंडात्मक कार्रवाई बताई जा रही है। इसके तहत PNC Infratech अगले तीन साल तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), NHAI या उनकी एजेंसियों के किसी भी नए टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकेगी। हालांकि, कंपनी के मौजूदा और पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर इस प्रतिबंध का असर नहीं पड़ेगा। कंपनी की ओर से इस कार्रवाई के खिलाफ कानूनी विकल्प तलाशे जाने की बात सामने आई है।
एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद
अवध एक्सप्रेसवे (Awadh Expressway) पर फिलहाल पूरे मार्ग में टोल वसूली भी बंद कर दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, टोल बंद होने से होने वाले नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी कंपनी पर डाली गई है। इस नुकसान का अनुमान करीब 42 लाख रुपये प्रतिदिन बताया जा रहा है। अवध एक्सप्रेसवे (Awadh Expressway) के निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की गुणवत्ता और जगह-जगह हुए नुकसान को लेकर उठे सवालों के बीच NHAI की यह कार्रवाई परियोजना की गुणवत्ता और ठेकेदार की जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।