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महाकाल में सबसे पहले जलेगी होली, दूसरे दिन मनेगी धुलेण्डी

महाकाल मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में सबसे पहले होली (Holi) का दहन होगा और इसके बाद ही शहर के अन्य स्थानों पर होली दहन (Holi Dahan) के साथ ही दूसरे दिन धुलेण्डी का त्योहार मनाया जाएगा। गौरतलब है कि शहर में प्रमुख त्योहारों की शुरूआत ही महाकाल मंदिर (Mahakaleshwar Temple) से होती है।

By संतोष सिंह 
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उज्जैन। महाकाल मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में सबसे पहले होली (Holi) का दहन होगा और इसके बाद ही शहर के अन्य स्थानों पर होली दहन (Holi Dahan) के साथ ही दूसरे दिन धुलेण्डी का त्योहार मनाया जाएगा। गौरतलब है कि शहर में प्रमुख त्योहारों की शुरूआत ही महाकाल मंदिर (Mahakaleshwar Temple) से होती है।

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श्री महाकालेश्‍वर मंदिर (Shri Mahakaleshwar Temple) में 13 मार्च होलिका दहन (Holika Dahan) किया जाएगा तथा 14 मार्च को धुलंडी का पर्व मनाया जावेगा। महाकालेश्‍वर भगवान की सायं आरती में सर्वप्रथम बाबा श्री महाकालेश्वर जी (Shri Mahakaleshwar Ji) को हर्बल गुलाल व परंपरानुसार शक्कर की माला अर्पित की जावेगी । सायं आरती के पश्‍चात मंदिर प्रांगण में ओम्कारेश्वर मंदिर (Omkareshwar Temple) के सामने होलिका के विधिवत पूजन-अर्चन के पश्‍चात होलिका दहन (Holika Dahan) किया जावेगा। 14 मार्च धुलेण्डी के दिन प्रातः 4 बजे भस्मार्ती में सर्वप्रथम बाबा श्री महाकालेश्वर (Baba Shri Mahakaleshwar) को मंदिर से पुजारी- पुरोहितों द्वारा हर्बल गुलाल (Herbal Gulal) अर्पित किया जाएगा।

आरतियों के समय में परिवर्तन

श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक (Pratham Kaushik, Administrator of Shri Mahakaleshwar Temple Management Committee) ने जानकारी देते हुए बताया कि, 15 मार्च 2025 से परम्‍परानुसार ज्‍योर्तिलिंग श्री महाकालेश्‍वर भगवान (Jyotling Shri Mahakaleshwar Bhagwan) की आरतियों के समय में चैत्र कृष्‍ण प्रतिपदा (Chaitra Krishna Pratipadaसे अश्विन पूर्णिमा तक परिवर्तन होगा।

जिसमें प्रथम भस्‍मार्ती – प्रा‍त: 04:00 से 06:00 बजे तक,

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द्वितीय दद्योदक आरती प्रा‍त: 07:00 से 07:45 बजे तक,

तृतीय भोग आरती प्रा‍त: 10:00 से 10:45 बजे तक,

चतुर्थ संध्‍या पूजन सायं 05:00 से 05:45 बजे तक,

पंचम संध्‍या आरती सायं 07:00 से 07:45 बजे व शयन आरती रात्रि 10:30 ये 11:00 बजे तक होगी।

उपरोक्‍तानुसार भस्‍मार्ती, संध्या पूजन एवं शयन आरती अपने निर्धारित समय होगी।

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भोपाल : मध्यप्रदेश से अक्षय की रिपोर्ट

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