दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क (Central Park) में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ‘लहरा दो तिरंगा’ (Hoist the Tricolour) कार्यक्रम है। सीजेपी (CJP) के इस तिरंगा मार्च (Tiranga March) को लेकर खुफिया एजेंसियों को अलग तरह का डर सता रहा है। खुफिया एजेंसियों ने तिरंगा मार्च (Tiranga March) को लेकर चेतावनी जारी की है।
नई दिल्ली। दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क (Central Park) में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ‘लहरा दो तिरंगा’ (Hoist the Tricolour) कार्यक्रम है। सीजेपी (CJP) के इस तिरंगा मार्च (Tiranga March) को लेकर खुफिया एजेंसियों को अलग तरह का डर सता रहा है। खुफिया एजेंसियों ने तिरंगा मार्च (Tiranga March) को लेकर चेतावनी जारी की है। खुफिया एजेंसियों की मानें तो आज शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाला ‘लहरा दो तिरंगा’ (Hoist the Tricolour) कार्यक्रम सिर्फ प्रतीकात्मक झंडा फहराने तक सीमित नहीं रह सकता है। यह एक अनिश्चितकालीन धरने में बदल सकता है। खुफिया सूत्रों को आशंका है कि 16 अक्टूबर की शाम 5 बजे तक प्रस्तावित यह तिरंगा मार्च जेल में बंद सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने में बदल सकता है।
सूत्रों ने बताया कि ऐसी आशंका है कि शाम 5 बजे कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी लोग वहां से जाने से इनकार कर सकते हैं। उन्होंने 20 जून के विरोध प्रदर्शन का उदाहरण दिया, जहां केवल शाम 5 बजे तक की अनुमति मिली थी, लेकिन प्रदर्शन एक महीने से भी ज्यादा समय तक धरने के रूप में चलता रहा। हालांकि एनडीएमसी ने सेंट्रल पार्क (Central Park) को 16 और 17 अक्टूबर को आम जनता के लिए बंद कर दिया है। फिर भी वहां लोगों के जुटने की संभावना है।
एजेंसियों को किस बात का सता रहा डर
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों को यह भी अंदेशा है कि सीजेपी समर्थक सीधे सेंट्रल पार्क (Central Park) नहीं जाएंगे। इसके बजाय, वे अलग-अलग जगहों पर छोटे समूहों में इकट्ठा हो सकते हैं। इससे सेंट्रल और नई दिल्ली जिलों में कई जगहों पर भीड़ जमा हो सकती है। लोगों को जुटाने और लाइव-स्ट्रीमिंग के लिए सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो सकता है। वहीं, आखिरी समय में जगह या रास्ते में बदलाव करने जैसी चीजें भीड़ को संभालने और ट्रैफिक कंट्रोल करने के काम को मुश्किल बना सकती हैं, खासकर पीक आवर्स यानी शाम के व्यस्त समय में।
कहां तक जा सकता है मार्च?
सूत्रों ने बताया कि अगर सेंट्रल पार्क में पाबंदियां लगाई जाती हैं, तो कुछ समूह संसद भवन, इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, PMO, सुप्रीम कोर्ट, राजनीतिक दलों के दफ्तरों और वरिष्ठ जन-प्रतिनिधियों के आवासों की ओर मार्च करने की कोशिश कर सकते हैं। इन जगहों के आसपास सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
इस आकलन में अव्यवस्था की चेतावनी भी दी गई है। सूत्रों का कहना है कि बहुत ज्यादा भीड़, अफवाहें या उकसावे की स्थिति में धक्का-मुक्की, हाथापाई हो सकती है या सेंट्रल पार्क और उसके आसपास सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि असामाजिक तत्व इस भीड़ का फायदा उठाकर गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 14 अक्टूबर को ‘तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है’ संदेश के साथ इस कार्यक्रम की घोषणा की थी। सीजेपी की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पुरानी घटनाओं के कारण यह आशंका
सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों को यह डर सीजेपी के पिछले विरोध प्रदर्शनों के अनुभवों के आधार पर है। 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन के पास पथराव और पुलिसकर्मियों पर हमले की खबर आई, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। 11 अक्टूबर को भी टकराव की घटनाएं सामने आईं। 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली जिले में आयोजकों ने कथित तौर पर BNSS की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया। अनधिकृत जुलूसों और सभाओं पर रोक होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने तय किए गए विरोध स्थल से आगे जाने की कोशिश की।
सूत्रों ने बताया कि पिछले विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों की संख्या आयोजकों की ओर से बताई गई संख्या से कहीं अधिक थी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने तो पुलिस बैरिकेड्स भी तोड़ दिए थे। एजेंसियों को इस बार भी ऐसी ही अप्रत्याशित भीड़ जुटने की आशंका है, क्योंकि इसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के अन्य हिस्सों से समर्थकों के साथ-साथ छात्र और युवा समूह भी शामिल हो सकते हैं।
सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखी जाएगी, ताकि लोगों को इकट्ठा करने के आह्वान, जमा होने की जगहों और आखिरी समय में होने वाले किसी भी बदलाव का पता चल सके। रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर भी एहतियाती इंतजाम किए गए हैं, जहां पर्याप्त पुलिस बल और भीड़ को नियंत्रित करने वाले उपकरण तैयार रखे गए हैं। नई दिल्ली और सेंट्रल जिलों में महत्वपूर्ण स्थानों और VIP इलाकों की सुरक्षा कड़ी की जाएगी। जब तक भीड़ पूरी तरह से तितर-बितर नहीं हो जाती, तब तक पुलिस तैनात रहेगी।