जापान के दक्षिणी हिस्से में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने लोगों में दहशत फैला दी। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 दर्ज की गई। भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने एक मीटर तक ऊंची सुनामी की आशंका जताते हुए तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी कर दी...
जापान के दक्षिणी हिस्से में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने लोगों में दहशत फैला दी। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 दर्ज की गई। भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने एक मीटर तक ऊंची सुनामी की आशंका जताते हुए तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी कर दी। साथ ही लोगों से समुद्र और समुद्र तटों से तुरंत दूर रहने की अपील की गई है।
कई प्रांतों में जारी किया गया अलर्ट
भूकंप के बाद सरकार ने क्यूशू द्वीप के कुमामोटो, नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी समेत कई प्रांतों में आपातकालीन चेतावनी जारी कर दी। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।
सबसे ज्यादा असर कुमामोटो में
सबसे तेज झटके कुमामोटो प्रांत के यत्सुशिरो, उटो, माशिकी, मिसातो और कुमामोटो शहर के मिनामी वार्ड में महसूस किए गए। जापानी शिंदो पैमाने पर यहां भूकंप की तीव्रता 6 दर्ज की गई। इसके अलावा नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा और मियाजाकी में भी तेज कंपन महसूस हुआ, जहां तीव्रता 5 या उससे अधिक रही।
ट्रेन सेवाएं ठप, हजारों घरों की बिजली गई
भूकंप के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर जेआर क्यूशू ने अपनी सभी ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। इसमें हाई-स्पीड शिंकानसेन ट्रेनें भी शामिल हैं। वहीं, कुमामोटो प्रांत में करीब 45,600 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली कंपनी क्यूशू इलेक्ट्रिक प्रभावित इलाकों में आपूर्ति बहाल करने में जुटी है।
परमाणु संयंत्र सुरक्षित
क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर ने बताया कि भूकंप के बावजूद सेंडाई और जेनकाई परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी तरह की तकनीकी खराबी या नुकसान की सूचना नहीं मिली है। दोनों संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
रिंग ऑफ फायर में स्थित है जापान
जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में गिना जाता है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि देश प्रशांत महासागर के आसपास मौजूद ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल होती रहती है। इसी कारण यहां अक्सर भूकंप आते हैं और दुनिया के 6.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंपों का बड़ा हिस्सा जापान में दर्ज किया जाता है।