1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Jyeshtha Shivratri 2026 : ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि इस दिन है ? जानें डेट ,  शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Jyeshtha Shivratri 2026 : ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि इस दिन है ? जानें डेट ,  शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

सनातन धर्म में भगवान शिव को आदि देव कहा जाता है। भगवान शिव की सेवा पूजा आदिकाल से होती आ रही है। इसी क्रम हिंदी पंचांग के अनुसार, प्रत्येक मास में पड़ने वाली चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि कहा जाता है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Jyeshtha Shivratri 2026 : सनातन धर्म में भगवान शिव को आदि देव कहा जाता है। भगवान शिव की सेवा पूजा आदिकाल से होती आ रही है। इसी क्रम हिंदी पंचांग के अनुसार, प्रत्येक मास में पड़ने वाली चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि कहा जाता है। शिव भक्त् इस व्रत उपवास का पालन करते हैं और भगवान की सेवा पूजा करते है।

पढ़ें :- 18 सितंबर 2026 का राशिफल: इन राशि के लोगों को आज कामकाज में मिलेगी सफलता और रुके हुए कार्य बढ़ेंगे आगे

पौराणि मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से इस व्रत को करता है, उसके जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। कई कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर प्राप्त करने के लिए भी इस व्रत को रखती हैं।

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 2026 तिथि व मुहूर्त
वर्ष 2026 में ज्येष्ठ मास की मासिक शिवरात्रि 15 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी.

पूजा विधि
शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही और शहद से अभिषेक करें।
महादेव को बेलपत्र, धतूरा, श्वेत फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें। ध्यान रहे कि बेलपत्र कटा-फटा न हो।
भोलेनाथ को सफेद मिठाई और फलों का भोग लगाएं।
महादेव के मंत्रों का श्रद्धा भाव से जाप करें। इसके बाद शिव चालीसा और व्रत कथा का पाठ करें।
अंत में दीपक या कपूर जलाकर शिव-पार्वती की आरती करें।
संभव हो तो रात में जागरण कर भगवान के भजनों का कीर्तन करें।
अगले दिन सुबह पूजा के बाद व्रत का पारण करें.

भगवान शिव मंत्र
ॐ नमः शिवाय॥
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
ॐ मृत्युञ्जय महादेव त्राहि मां शरणागतम्। जन्म-मृत्यु-जरा-व्याधि-पीड़ितं कर्मबन्धनैः॥
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये। मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा॥

पढ़ें :- Shukra Ast 2026 : सुख-समृद्धि के देवता शुक्र 23 सितंबर से अस्त हो रहे हैं, शुभ कार्य रूक जाते हैं

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...