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Leh Ladakh Tourism : ज़ोजीला पास खुलने से लेह जाना आसान,बर्फ की मोटी चादर पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है

बर्फ की मोटी चादर देखने वाले प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब ज़ोजीला पास खुलने से लेह जाना आसान हो गया है। कश्मीर और लद्दाख घूमने जाने वालों के लिए ज़ोजीला पास एक प्रमुख आकर्षण होता है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Leh Ladakh Tourism: बर्फ की मोटी चादर देखने वाले प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब ज़ोजीला पास खुलने से लेह जाना आसान हो गया है। कश्मीर और लद्दाख घूमने जाने वालों के लिए ज़ोजीला पास एक प्रमुख आकर्षण होता है। हर साल लगभग 160-180 दिनों तक बर्फ की मोटी चादर के नीचे ढंके रहने वाले ज़ोजीला पास को इस साल रिकॉर्ड समय में खोल दिया गया है। इस साल महज 35 दिनों के अंदर ही ज़ोजीला पास को खोल दिया गया है। समुद्र तल से 11,575 फीट की ऊंचाई पर मौजूद ज़ोजीला पास जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग को लद्दाख से जोड़ता है।

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लेह
लेह ज़ोजीला पास श्रीनगर को लेह से जोड़ती है। लेह पर्यटकों की पहली पसन्द है। इसके अलावा लेह में मौजूद बौद्ध मॉनेस्ट्री, लेह पैलेस, शांति स्तूप और लेह मार्केट भी देखने लायक जगह है। अगर आप एडवेंचर के शौकिन हैं, तो यहां ट्रेकिंग, राफ्टिंग या फिर माउंटेन बाइकिंग भी कर सकते हैं।

कारगिल
ज़ोजीला पास से लगभग 97 किमी पश्चिम में मौजूद कारगिल में कारगिल वार मेमोरियल देखने लायक जगह है।

द्रास घाटी
 द्रास घाटी (वैली) को लद्दाख का प्रवेश द्वार कहा जाता है। यह घाटी ज़ोजीला पास से महज 10 मील (16 किमी) की दूरी पर मौजूद है। यह अपने प्राकृतिक दृश्यों के लिए सबसे अधिक मशहूर है। ज़ोजीला पास होकर द्रास वैली पहुंचकर पर्यटक द्रास वीलेज, यहां की सांस्कृतिक धरोहर और शानदार परिवेश को एंजॉय कर सकते हैं। द्रास घाटी में होने वाला वार्षिक लद्दाख फेस्टिवल भी पर्यटकों में काफी फेमस है।

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