1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Sankatamochan Hanumaan ji : ‘ संकटमोचन हनुमान जी को शक्ति का प्रतीक माना जाता है, मंगलवार को करें पूजा

Sankatamochan Hanumaan ji : ‘ संकटमोचन हनुमान जी को शक्ति का प्रतीक माना जाता है, मंगलवार को करें पूजा

सनातन धर्म हनुमान जी को अतुलित बलधाम और संकटमोचन कहा जाता है। मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है।बाबा गोस्वामी तुलसी दास जी ने हनुमान जी की स्तुति के लिए दोहे और चौपाइया लिखी है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Sankatamochan Hanumaan ji :  सनातन धर्म हनुमान जी को अतुलित बलधाम और संकटमोचन कहा जाता है। मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है।बाबा गोस्वामी तुलसी दास जी ने हनुमान जी की स्तुति के लिए दोहे और चौपाइया लिखी है। हनुमान भक्त इन चौपाइयों को गाते है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान जी की स्तुति के लिए मुख्य रूप से हनुमान चालीसा (40 चौपाइयां), संकटमोचन हनुमानाष्टक, और हनुमान बाहुक की रचना की है। इन स्तुतियों के माध्यम से उन्होंने हनुमान जी को अतुलित बलधाम, ज्ञान-गुण सागर और राम दूत के रूप में महिमामंडित किया है।

पढ़ें :- भगवान कृष्ण ने मथुरा छोड़ने के बाद बसाई थी द्वारका नगरी,उनके प्रपौत्र वज्रनाभ ने करवाया था द्वारकाधीश मंदिर का निर्माण

‘संकट से मुक्ति’
कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसों नहिं जात है टारोगोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा की यह पंक्ति—“कौन सो संकट मोर गरीब को…”— भक्तों के अटूट विश्वास को दर्शाती है कि हनुमान जी हर कष्ट को दूर करने वाले हैं। बल्कि भक्ति दर्शन का सार है। जब हनुमान जी ने लंका में माता सीता को खोज निकाला, तब यह सिद्ध हुआ कि सच्ची निष्ठा और सेवा से कोई भी संकट असंभव नहीं रहता। यही कारण है कि मंगलवार को उनकी पूजा ‘संकट से मुक्ति’ के सिद्धांत से जुड़ी मानी जाती है।

मंगलवार का दिन
हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना जाता है। यह दिन संकट से मुक्ति पाने का प्रतीक है। मंगलवार का संबंध ‘मंगल’ ग्रह से माना जाता है, जो ऊर्जा, साहस और शक्ति का प्रतीक है। हनुमान जी को इन सभी गुणों का देवता माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

पूजा का आध्यात्मिक महत्व
संकट से मुक्ति: मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
भय और नकारात्मकता का नाश: हनुमान जी को ‘संकटमोचन’ कहा जाता है।
आत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि: नियमित पूजा से मानसिक शक्ति मिलती है।

मंगलवार को कैसे करें पूजा?
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें
हनुमान चालीसा का पाठ करें
गुड़ और चने का भोग लगाएं

पढ़ें :- Ambubachi Mela 2026  :  कामाख्या देवी का अंबुबाची मेला 22 जून से होगा शुरू ,  3 दिन बंद रहेंगे मंदिर के कपाट

धर्मग्रंथों में हनुमान जी
रामचरितमानस और अन्य ग्रंथों में हनुमान जी को भगवान राम का परम भक्त बताया गया है, जो अपने भक्तों की हर समस्या को दूर करते हैं।

भक्तों के जीवन में आशा
हनुमान जी का व्यक्तितव हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति, निःस्वार्थ सेवा और अटूट विश्वास से कोई भी संकट बड़ा नहीं रहता। जैसे रामायण में हर कठिन परिस्थिति में हनुमान जी ने असंभव को संभव कर दिखाया, वैसे ही आज भी वे अपने भक्तों के जीवन में आशा और साहस का प्रकाश बनते हैं।

मन में श्रद्धा
मंगलवार का दिन केवल पूजा का अवसर नहीं, बल्कि उस विश्वास को फिर से जागृत करने का दिन है कि चाहे संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर मन में श्रद्धा है, तो उसका समाधान अवश्य है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...