1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. ‘एक पेड़ मां के नाम पूरा जंगल अडानी के नाम…’ लखनऊ में कांग्रेस ने होर्डिंग लगाकर मोदी सरकार के खिलाफ किया पोस्टर वार का आगाज

‘एक पेड़ मां के नाम पूरा जंगल अडानी के नाम…’ लखनऊ में कांग्रेस ने होर्डिंग लगाकर मोदी सरकार के खिलाफ किया पोस्टर वार का आगाज

प्रदेश व केंद्र में सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने यूपी की राजनीति में पोस्टर वार शुरू किया है। इस बार निशाने पर उद्योगपतियों को दी जाने वाली रियायतें हैं। राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के मुख्यालय के बाहर छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI)की ओर से एक बड़ा पोस्टर लगाया गया है, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ : प्रदेश व केंद्र में सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने यूपी की राजनीति में पोस्टर वार शुरू किया है। इस बार निशाने पर उद्योगपतियों को दी जाने वाली रियायतें हैं। राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के मुख्यालय के बाहर छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI)की ओर से एक बड़ा पोस्टर लगाया गया है, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

पढ़ें :- BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो.तारीक मंसूर, बोले- यूपी चुनाव महत्वपूर्ण, पर राष्ट्रीय पदाधिकारी की जिम्मेदारी एक प्रदेश नहीं, बल्कि देश की होती है

पूरा जंगल अडानी को दे दिया, बचा लो अरावली, वरना सांसें भी बिकेगी

इस होर्डिंग के जरिए केंद्र सरकार की ‘एक पेड़ मां के नाम’ मुहिम पर कटाक्ष करते हुए अरावली पर्वत (Aravalli Hills) को बचाने की अपील की गई है। पोस्टर में क्या लिखा खास एनएसयूआई के छात्र नेता और गोरखपुर निवासी आदित्य शुक्ला के तरफ से लगवाए गए पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और उद्योगपति गौतम अडानी (Industrialist Gautam Adani) की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई गई हैं। पोस्टर की भाषा काफी आक्रामक है, इसमें सीधे तौर पर सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया गया है। होर्डिंग पर बड़े अक्षरों में लिखा है कि एक पेड़ मां के नाम, पूरा जंगल अडानी के नाम, एक पेड़ दिखाकर वोट लिया, पूरा जंगल अडानी को दे दिया, बचा लो अरावली, वरना सांसें भी बिकेगी।

अरावली के संरक्षण का मुद्दा

पोस्टर लगाने वाले छात्र नेता आदित्य शुक्ला ने कहा कि सरकार एक तरफ तो पर्यावरण के नाम पर भावुक एक पेड़ मां के नाम अभियान चला रही है, लेकिन दूसरी तरफ अरावली जैसी महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखलाओं को खनन और औद्योगिक लाभ के लिए निजी हाथों में सौंपने की तैयारी चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर अरावली के जंगलों को नष्ट किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए शुद्ध हवा मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।

पढ़ें :- Shehzad Poonawalla Resign : नहीं माने शहजाद पूनावाला, BJP को किया ‘बाय-बाय’, ‘पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार नहीं’

सियासी हलकों में हलचल

अरावली पर्वत श्रृंखला दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) और उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि इसमें होने वाले किसी भी बड़े हस्तक्षेप का सीधा असर पर्यावरण और भूजल स्तर पर पड़ेगा। लखनऊ के व्यस्त इलाके मॉल एवेन्यू में स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगी होर्डिंग राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस सीधे तौर पर ‘क्रोनी कैपिटलिज्म’ के मुद्दे को पर्यावरण से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की कोशिश कर रही है।

पर्यावरण के दोहन को लेकर चिंतित युवा इसके खिलाफ आवाज उठाता रहेगा 

एनएसयूआई का विरोध ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में अरावली पर्वत को लेकर अभियान चल रहे हैं। छात्र नेताओं ने कहा कि सांकेतिक वृक्षारोपण से ज्यादा जरूरी प्राकृतिक जंगलों को बचाना है। पोस्टर लगवाने वाले आदित्य शुक्ला गोरखपुर के रहने वाले हैं, छात्र राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने इस पोस्टर के माध्यम से संदेश देने की कोशिश की है कि युवाओं का एक वर्ग पर्यावरण के दोहन को लेकर चिंतित है और वह इसके खिलाफ आवाज उठाता रहेगा।

 

पढ़ें :- UGC-NET की तीन परीक्षाएं रद्द होने पर भड़के राहुल गांधी, कहा-मोदी जी, देखिए आपकी NTA ने अभी क्या किया है?

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...