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Rohit vs Gambhir: ड्रेसिंग रूम के वर्चस्व की लड़ाई में गयी रोहित के हाथ से कप्तानी! कोच गंभीर की जीत

Cricket News: अहमदाबाद टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली जीत के कुछ देर बाद बीसीसीआई ने शुभमन गिल को नया वनडे कप्तान बनाने की घोषणा की। जिसके बाद से पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। फैंस रोहित को वनडे की कप्तानी से हटाने को लेकर बीसीसीआई और कोच गौतम गंभीर के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इस बीच भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर चर्चाएं फिर शुरू हो गयी हैं।

By Abhimanyu 
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Rohit vs Gambhir: अहमदाबाद टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली जीत के कुछ देर बाद बीसीसीआई ने शुभमन गिल को नया वनडे कप्तान बनाने की घोषणा की। जिसके बाद से पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। फैंस रोहित को वनडे की कप्तानी से हटाने को लेकर बीसीसीआई और कोच गौतम गंभीर के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इस बीच भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर चर्चाएं फिर शुरू हो गयी हैं।

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दरअसल, बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने कहा कि रोहित को हटाने का फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि तीन अलग-अलग फॉर्मेट के लिए तीन अलग-अलग कप्तान रखना मुश्किल होता। हालांकि, रोहित को हटाए जाने के पीछे ड्रेसिंग रूम में वर्चस्व की लड़ाई को बड़ी वजह माना जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि रोहित को इसलिए कप्तानी से हटाया गया, क्योंकि अगर यह सीनियर खिलाड़ी वनडे में कप्तान बनें रहते तो टीम का कल्चर बिगड़ सकता था। यूं कहें तो कप्तान की ओर से सभी फैसले लेने का कल्चर जन्म ले सकता था।

एक रिपोर्ट के अनुसार, ड्रेसिंग रूम में रोहित को अपनी विचारधारा पर चलाने का मौका मिले, प्रबंधन ऐसा नहीं चाहता था। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि हेड कोच गंभीर अपने कार्यकाल के पहले छह महीनों में पीछे हट गए थे, क्योंकि रोहित ही फैसले लेते थे। इसके बाद न्यूजीलैंड (घरेलू टेस्ट) और ऑस्ट्रेलिया (बाहर) के खिलाफ टेस्ट सीरीज हारने के बाद वे फ्रंट फुट पर आ गए।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से लिखा, रोहित जैसे कद के खिलाड़ी को कप्तानी की भूमिका में रखने का मतलब होता कि ड्रेसिंग रूम में उन्हें अपने सिद्धांतों को लागू करने का मौका मिलता। गंभीर ने अपने कार्यकाल के पहले छह महीनों में टेस्ट और वनडे में पीछे की सीट ले ली थी, लेकिन न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार ने उन्हें और अधिक मजबूती से जिम्मेदारी संभालने के लिए प्रेरित किया।

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