1. हिन्दी समाचार
  2. तकनीक
  3. Russia Banned WhatsApp Calls : ट्रंप और पुतिन की बैठक के पहले रूस का बड़ा फैसला वॉट्सएप मैसेजिंग एप्प किया बैन

Russia Banned WhatsApp Calls : ट्रंप और पुतिन की बैठक के पहले रूस का बड़ा फैसला वॉट्सएप मैसेजिंग एप्प किया बैन

रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और उनके अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की अलास्का में मीटिंग होने जा रही है। इससे पहले मॉस्को ने बड़ा फैसला लिया है। रूसी अधिकारियों ने मैसेजिंग ऐप जैसे टेलीग्राम (Telegram) और वाट्सअप कॉल (WhatsApp Calls) को आंशिक रूप से प्रतिबंधित कर दिया है।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और उनके अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की अलास्का में मीटिंग होने जा रही है। इससे पहले मॉस्को ने बड़ा फैसला लिया है। रूसी अधिकारियों ने मैसेजिंग ऐप जैसे टेलीग्राम (Telegram) और वाट्सअप कॉल (WhatsApp Calls) को आंशिक रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। रूस (Russia) का आरोप है कि इनके जरिए धोखाधड़ी और आतंकवाद जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं, इनसे जब एजेंसियां जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहती हैं तो यह यूजर डाटा बोलकर इससे इनकार कर देते हैं।

पढ़ें :- Bollywood: दीपिका पादुकोण की इमेज को 'ढोंग' बताने पर ट्रोल हुए इम्तियाज अली, अब इंस्टाग्राम पर लिखा इमोशनल नोट

रॉयटर्स ने रोसकोम्नाडजोर के हवाले से कहा कि अपराधियों से निपटने के लिए इन विदेशी मैसेंजर पर कॉल को आंशिक रूप से प्रतिबंधित करने के उपाय किए जा रहे हैं। उनकी कार्यक्षमता पर कोई अन्य प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इन पर से आंशिक प्रतिबंध तभी हटेंगे, जब वह रूसी नियमों का पालन करेंगे।

रूस के तरफ से लगाए गए इन प्रतिबंधों का अभी तक मेटा प्लेटफार्म ने कहा कि वाट्सएप पूरी तरह से एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड (End to End Encrypted) है। हम यूजर की प्राइवेसी का सम्मान करते हैं। मेटा ने कहा कि वह रूस समेत दुनिया के सभी लोगों को सुरक्षित कॉल्स की सेवा देने का प्रयास करता रहेगा। वहीं टेलीग्राम ने रूस के आरबीसी दैनिक (RBC Daily) को जवाब देते हुए कहा कि वह अपने प्लेटफार्म पर हिंसा और धोखाधड़ी को हटाने के लिए कई बड़े फैसले ले रहे हैं। हर दिन लाखों दुर्भावनापूर्ण संदेशों को हटाने के लिए प्लेटफॉर्म के सार्वजनिक हिस्सों की निगरानी के लिए एआई टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

गौरतलब है कि रूस पिछले कई वर्षों से सामग्री और डेटा स्टोर को लेकर विदेशी तकनीकी प्लेटफार्मस के साथ टकराव में रहा है। यह विवाद 2022 में यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण के बाद और गहरा गया। आलोचकों का कहना है कि रूस देश के इंटरनेट क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इतना ही नहीं राष्ट्रपति पुतिन ने सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर सरकार समर्थित एक एप्प के निर्माण को मंजूरी दे दी है। क्योंकि विदेशी और निजी स्वामित्व वाली कंपनियों की जगह पर सरकारी प्लेटफार्म को बनाकर अपनी संप्रभुता स्थापित करना चाहता है।

पढ़ें :- Jal Jeevan Mission Scam : जम्मू-कश्मीर में जल जीवन मिशन के तहत 600 से अधिक परियोजना कागजों में पूरी, जबकि जमीन पर नामोनिशान नहीं
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...