आमतौर पर अंतिम यात्रा में परिवार और रिश्तेदार साथ होते हैं, लेकिन संभल में एक महिला की आखिरी विदाई कुछ ऐसी हुई कि देखने वालों की भीड़ जुट गई। अर्थी के आगे उनके पालतू हाथी चलते नजर आए।
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में एक बुजुर्ग महिला की अंतिम यात्रा ने लोगों का ध्यान खींच लिया। रजपुरा थाना क्षेत्र के ब्यौरा गांव निवासी 74 वर्षीय रामबेटी देवी के निधन के बाद परिजनों ने उन्हें बेहद खास तरीके से अंतिम विदाई दी। गांव से राजघाट गंगा घाट तक करीब 15 किलोमीटर लंबी शव यात्रा निकाली गई।
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इस यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि रामबेटी देवी के पालतू हाथी मोहन और परमा सबसे आगे चल रहे थे। उनके पीछे अर्थी, धार्मिक झांकियां और ट्रैक्टरों का लंबा काफिला दिखाई दिया। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए।
परिजनों के मुताबिक, रामबेटी देवी का दोनों हाथियों से काफी भावनात्मक जुड़ाव था। वर्ष 2012 में उनके पति के निधन के बाद उन्होंने मोहन और परमा को अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला। यही वजह है कि इलाके में उनके परिवार की पहचान ‘हाथी वाले परिवार’ के तौर पर भी बनी हुई है।
संभल | मौत के बाद भी नहीं छूटा साथ, अंतिम यात्रा तक साथ रहे पालतू हाथी…
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— Dainik Bhaskar UP (@danikbhaskarup) October 8, 2026
अस्वस्थ होने के बाद अलीगढ़ के अस्पताल में रामबेटी देवी ने अंतिम सांस ली थी। इसके बाद बेटों मनवीर और चरन सिंह ने मां की अंतिम यात्रा को यादगार बनाने का फैसला किया।
ब्यौरा गांव से राजघाट तक निकली इस यात्रा में सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ करीब एक हजार लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। रास्ते में बड़ी संख्या में लोग इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए जमा हुए। अंतिम यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।