नए साल का जश्न हर कोई मनायेगा बस सबका अपना अपना तरीका अलग है न्यू ईयर सेलीब्रेट का तरीका अलग है . मोस्टली जगह म्यूजिक, दोस्तों के साथ पार्टी और देर रात तक एन्जॉय, ये सब नए साल की खूबसूरती हैं। लेकिन कई बार इस जश्न (New Year Party 2026)
नए साल का जश्न हर कोई मनायेगा बस सबका अपना अपना तरीका अलग है न्यू ईयर सेलीब्रेट का तरीका अलग है . मोस्टली जगह म्यूजिक, दोस्तों के साथ पार्टी और देर रात तक एन्जॉय, ये सब नए साल की खूबसूरती हैं। लेकिन कई बार इस जश्न (New Year Party 2026)
नव वर्ष से ठीक पहले राजधानी दिल्ली और NCR के इलाकों में मौसम और प्रदूषण ने मिलकर लोगों की परेशानी बढ़ा दिये हैं । सोमवार सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 403 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। कड़ाके की ठंड, बेहद घना कोहरा और
कुछ ऐसी छोटी मोटी बीमारी होती हैं जिनकी दवा हमारे घर के किचन या गार्डेन में उपलब्ध रहती है। गुड़हल का फूल औषधीय गुणों से भरपूर होता है और इसका पानी पीना सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। यह इम्युनिटी बढ़ाने, त्वचा को निखारने, बालों को मजबूत
अक्सर आपने देखा होगा की जब 4- 5 लोग बैठते हैं तो उनमें उनमें से किसी एक या फिर दो लोगों को ही मच्छर ज्यादा काटते हैं। लेकिन क्या आप इसके पीछे का कारण जानने की कोशिश किए हैं। अगर नहीं तो आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएँगे।ब्लड ग्रुप
मकड़ी काटने के बाद हम लोग नॉर्मल समझते है लेकिन क्या आप जानते हैं कि मकड़ी के काटने के बाद आपको किन टिप्स को फॉलो करना चाहिए जिससे आपकी त्वचा पर निशान न पड़े? अगर नहीं, तो आज हम आपको मकड़ी के काटने के बाद दिखाई देने वाले लक्षणों के
सर्दियों में आपके लिए चुकंदर और शकरकंद जैसी जड़ वाली सब्जियां बेस्ट है। इनमें भरपूर मात्रा में में फाइबर, विटामिन A और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। लेकिन अक्सर मन में यह सवाल रहता है कि इन दोनों में से
इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग गलत खान-पान और तनाव के कारण दिल की बीमारियों का खतरा एक भयानक चुनौती बन गया है। हम अक्सर विदेशी दवाइयो और महंगे समान पर भरोसा करते हैं लेकिन ये नहीं ध्यान देते हैं कि कुछ ऐसे चीज़ हैं जो हमे किचन में उपलब्ध
डायबिटीज (Diabetes) आज कल लगभग हर घर में एक सदस्य को रहता है। पिछले कुछ दशकों में भारत में इसके मामले काफी तेजी से बढ़ हैं खराब जीवनशैली, गलत खान-पान और तनाव के कारण यह बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों में नहीं, बल्कि 40 से कम उम्र के लोगों को भी
सुबह का नाश्ता जो कि हमारे सेहत के लिए सबसे जरूरी होती है। इसे लेकर अक्सर डॉक्टर्स सलाह देते हैं। क्योंकि ये आपको ऊर्जा देता है और एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करता है। आपने बहुत से लोगों को सुबह-सुबह दही-चूड़ा खाते भी देखा होगा। सर्दी हो या गर्मी लोग
जब भी हम हार्ट अटैक का नाम सुनते तो सबसे पहले हमारे मन में आता है गलत खानपान, धूम्रपान या तनाव होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिल की बीमारी का खतरा हमारी जेनेटिक यानी वंशानुगत कारणों से भी जुड़ा होता है? जी हां, अगर आपके माता-पिता या
नींबू जितना ही खाने में स्वादिष्ट होता है उतना ही सेहत के लिए फायदेमंद भी होता है । इसका हर हिस्सा शरीर के लिए लाभकारी होता है। लेकिन अधिकतर लोग नींबू के रस का इस्तेमाल करने के बाद इसके छिलकों (Lemon Peels Benefits) को कचरे में फेंक देते हैं, जो कि
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को आवारा कुत्तों (Stray Dog) के मामले स्वतः संज्ञान वाली याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को तीन नवंबर को होने वाली सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया। दरअसल, कोर्ट ने
आज कल लोग ना एनर्जि पाने के लिए ना या शौक के लिए न जाने कितने ड्रिंक का यूज करते हैं। जिसका सीधा असर हमारे किडनी पर पड़ता है। किडनी जो कि हमारे शरीर के लिए एक फिल्टर की तरह काम करती है, जो खून को साफ करके टॉक्सिन और
बदलते जमाने के साथ लोग अपने हेल्थ को लेकर काफी एक्टिव हो रहे हैं। स्वस्थ रहने के लिए लोग कई तरीके के टिप्स आजमाते हैं । लेकिन आयुर्वेद में एक बेहद आसान और असरदार उपाय बताया गया है- सुबह खाली पेट एक चम्मच देसी घी का सेवन। यह न सिर्फ
आज कल हम लोग सिर्फ भागदौड़ के चक्कर में अपने सेहत का ध्यान नहीं रख पाते हैं। लिवर हमारे शरीर का फ़िल्टर है । जी हां, यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर हमें स्वस्थ रखता है। यही वजह है कि जब लिवर ही ठीक से काम नहीं करता, तो