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सुप्रीम लीडर की हत्या हुई, स्कूली बच्चे मारे गए लेकिन तब पीएम मोदी की तरफ़ से एक शब्द तक नहीं आया…ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत पर बोले संजय सिंह

ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या हुई, 160 से ज़्यादा मासूम स्कूली बच्चे मारे गए। भारत के मेहमान ईरानी नौसैनिक भी हमले में मारे गए, लेकिन तब प्रधानमंत्री की तरफ़ से एक शब्द तक नहीं आया। इतना ही नहीं, ईरान पर अमेरिकी हमले से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री इज़रायल पहुंचे और वहां खड़े होकर इज़रायल और अमेरिका की तारीफ़ों के पुल बांधने लगे। देश जानना चाहता है, क्या भारत की विदेश नीति अब देशहित से नहीं, बल्कि अमेरिका और इज़रायल की पसंद से तय होगी?

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत की थी। इसको लेकर अब आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहाकि, ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या हुई, 160 से ज़्यादा मासूम स्कूली बच्चे मारे गए। भारत के मेहमान ईरानी नौसैनिक भी हमले में मारे गए, लेकिन तब प्रधानमंत्री की तरफ़ से एक शब्द तक नहीं आया।

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मीडिया से बातचीत करते हुए संजय सिंह ने कहा कि, कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत की और उसके बारे में लंबा-चौड़ा ट्वीट भी किया। लेकिन सवाल यह है कि जब हालात बिगड़ रहे थे तब वे चुप क्यों थे? हम तो पहले दिन से कह रहे थे कि प्रधानमंत्री को तुरंत ईरान से बात करनी चाहिए, लेकिन मोदी जी उस समय United States और Israel की खुशामद में व्यस्त रहे।

ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या हुई, 160 से ज़्यादा मासूम स्कूली बच्चे मारे गए। भारत के मेहमान ईरानी नौसैनिक भी हमले में मारे गए, लेकिन तब प्रधानमंत्री की तरफ़ से एक शब्द तक नहीं आया। इतना ही नहीं, ईरान पर अमेरिकी हमले से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री इज़रायल पहुंचे और वहां खड़े होकर इज़रायल और अमेरिका की तारीफ़ों के पुल बांधने लगे। देश जानना चाहता है, क्या भारत की विदेश नीति अब देशहित से नहीं, बल्कि अमेरिका और इज़रायल की पसंद से तय होगी?

इसके साथ ही संजय सिंह ने कहा कि, दुनिया के कई देशों ने Iran और United States के बीच बढ़ते युद्ध के ख़तरे पर खुलकर बयान दिए। लेकिन हमारे महामानव की तरफ़ से एक शब्द तक नहीं आया। इधर भारत में हालात ये हो गए कि लोग LPG Cylinder के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लग गए। कई फैक्ट्रियां बंद होने लगीं, और पूरे देश में ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा हो गई। जब देश में संकट गहराने लगा, तब जाकर प्रधानमंत्री को होश आया और एक ट्वीट कर दिया। अगर भारत सरकार सच में देश के लिए सस्ता तेल खरीदना चाहती है, तो फिर सवाल सीधा है, वह Russia और Iran से सस्ता तेल और गैस क्यों नहीं खरीद रही?

संजय सिंह ने आगे कहा, जो United States खुद संकट से जूझ रहा है, जो अपने हालात तक संभाल नहीं पा रहा है। हमारे महामानव उसी अमेरिका के पीछे-पीछे चलने में लगे हुए हैं। जैसे प्रधानमंत्री के मित्र हर आपदा में अवसर तलाश लेते हैं, वैसे ही Donald Trump भी इस वैश्विक संकट को अपने फायदे में बदलने में जुटे हुए हैं। भारत के लोग LPG Cylinder के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़े हैं, तब Narendra Modi की सरकार Bangladesh को 60 लाख लीटर डीज़ल भेज रही है।

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उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस United States की लगातार खुशामद कर रहे हैं, वही अमेरिका अब भारत पर फिर से टैरिफ़ लगाने की तैयारी कर रहा है। 2014 से पहले मोदी जी के भाषण सुनकर लगता था कि वे किसी भी हाल में भारत के हित से समझौता नहीं करेंगे। लेकिन आज हालात ऐसे दिखाई दे रहे हैं कि वे दबाव में झुकते नजर आ रहे हैं, और यह देखकर सच में दुख होता है।

आज देश के सामने सबसे बड़ा सवाल ऊर्जा संकट का है। लोग LPG Cylinder के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी देश को साफ़-साफ़ बताएं- क्या देश में ऊर्जा का यह संकट खत्म होगा? क्या लोगों को रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए इस तरह लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा?

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