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US War Powers Act : अमेरिकी सीनेट ने ट्रंप की घेराबंदी के लिए बिछाया ‘कानूनी जाल’, 15 दिनों के अंदर सेना वापस बुलाने के अलावा नहीं बचेगा कोई चारा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) भले ही दुनिया के सामने तो सीना ठोककर कह रहे हैं कि ‘ईरान डील करने के लिए मरा जा रहा है’, लेकिन सच तो यह है कि असली घबराहट खुद उनके खेमे में है। अगर अगले 15 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ तो हालात ऐसे बन जाएंगे कि ट्रंप को खुद ईरान के आगे हाथ जोड़ने पड़ सकते हैं।

By santosh singh 
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वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) भले ही दुनिया के सामने तो सीना ठोककर कह रहे हैं कि ‘ईरान डील करने के लिए मरा जा रहा है’, लेकिन सच तो यह है कि असली घबराहट खुद उनके खेमे में है। अगर अगले 15 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ तो हालात ऐसे बन जाएंगे कि ट्रंप को खुद ईरान के आगे हाथ जोड़ने पड़ सकते हैं। इसकी बड़ी वजह है अमेरिका में ‘वॉर पावर एक्ट’ (US War Powers Act)  को लेकर मचा घमासान, जो ट्रंप की शक्तियों पर कैंची चलाने वाला है। आज अमेरिकी सीनेट में ट्रंप की घेराबंदी के लिए एक ऐसा ‘कानूनी जाल’ (Legal Trap) बिछाया जा रहा है, जो उनके हाथ बांध देगा और उन्हें बिना संसद की मर्जी के जंग जारी रखने से रोक देगा।

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अमेरिका में डेमोक्रेट्स ने ठान लिया है कि वो देश की किस्मत का फैसला ट्रंप को अकेले नहीं लेने देंगे। वो वॉर पावर एक्ट (War Powers Act) के तहत कांग्रेस में ट्रंप की पावर्स कम करने के लिए वोटिंग करने वाले हैं। अगर ये सफल रही तो अगले 15 दिनों के भीतर ट्रंप के पास ईरान के आगे हाथ जोड़ने या अपनी सेना वापस बुलाने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।

जानें क्या है यह ‘वॉर पावर्स एक्ट’ का फंदा?

अमेरिका में एक कानून है जिसे ‘वॉर पावर्स एक्ट’ (US War Powers Act) कहते हैं। यह कानून कहता है कि राष्ट्रपति बिना कांग्रेस यानी संसद की मर्जी के सिर्फ 60 दिनों तक ही जंग लड़ सकते हैं। ईरान के साथ जंग शुरू हुए 45 दिन हो चुके हैं। यानी अब ट्रंप के पास सिर्फ 15 दिन का ‘ग्रेस पीरियड’ बचा है। डेमोक्रेट्स नेता चक शूमर (Democratic leader Chuck Schumer) ने साफ कह दिया है कि ट्रंप ने संसद को किनारे कर दिया है और वे अब ऐसा और नहीं होने देंगे। आज सीनेटर टैमी डकवर्थ (Senator Tammy Duckworth) इस जंग को रोकने के लिए वोटिंग कराने जा रही हैं।

महंगाई ने बिगाड़ा ट्रंप का खेल

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ईरान जंग की वजह से अमेरिका में गैस और पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। आम अमेरिकी जनता अपनी जेब ढीली होने से गुस्से में है। डेमोक्रेट्स इसी गुस्से को भुना रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रंप की जिद की वजह से आम आदमी को खाद से लेकर खाने-पीने की चीजों तक के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। नवंबर में चुनाव होने हैं, और महंगाई ट्रंप के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गई है।

10 प्रस्ताव तैयार, ट्रंप को घेरने की तगड़ी प्लानिंग

डेमोक्रेट्स ने सिर्फ एक नहीं, बल्कि 10 ऐसे प्रस्ताव तैयार किए हैं जो ट्रंप की पावर्स पर लगाम लगाएंगे। उनका प्लान है कि जब तक यह जंग बंद नहीं होती, वो हर हफ्ते एक नया प्रस्ताव लाते रहेंगे। उधर ट्रंप ने भी कह दिया है कि वे ईरान के साथ अगले 2 दिनों में पाकिस्तान में बातचीत कर सकते हैं, लेकिन डेमोक्रेट्स को उन पर भरोसा नहीं है।

रिपब्लिकन अब भी ट्रंप के साथ

इस पूरे ड्रामे के बीच रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party) अभी भी अपने राष्ट्रपति के साथ मजबूती से खड़ी है। उनका कहना है कि ट्रंप का ‘ईरान मिशन’ बहुत सफल रहा है और वे जल्द ही इस जंग को खत्म कर देंगे। रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून (Republican leader John Thune) ने तो यहां तक कह दिया कि ट्रंप के पास एक क्लियर प्लान है और जल्द ही संसद के इन सवालों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

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