मौसम विभाग की माने तो देश के कई हिस्सों में समान्य से ज्यादा तमापमान रह सकता है, जिसके कारण लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों, मध्य भारत के कुछ हिस्सों, प्रायद्वीपीय भारत के आसपास के इलाकों और पूर्वोत्तर भारत के दक्षिणी हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। IMD के अनुसार, मई में पूरे भारत में कुल वर्षा सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और पूर्व-मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
Weather Update: हल्की बारिश के बाद गर्मी से राहत मिली है लेकिन ये राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है। गर्मी और लू की मार से मई महीने में परेशान होना पड़ेगा। भारत मौसम विभाग की तरफ से इसको लेकर पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसमें चेतावनी दी गयी है कि, कई हिस्सों में समान्य से अधिक हीटवेव (लू) चलेगा। खासतौर पर हिमालय की तलहटी वाले इलाकों, पूर्वी तटीय राज्यों, गुजरात और महाराष्ट्र में गर्मी का असर ज्यादा रहने की संभावना है।
मौसम विभाग की माने तो देश के कई हिस्सों में समान्य से ज्यादा तमापमान रह सकता है, जिसके कारण लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों, मध्य भारत के कुछ हिस्सों, प्रायद्वीपीय भारत के आसपास के इलाकों और पूर्वोत्तर भारत के दक्षिणी हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। IMD के अनुसार, मई में पूरे भारत में कुल वर्षा सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और पूर्व-मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
बता दें कि, कई क्षेत्रों में बारिश के बाद लोगों को राहत जरूर मिली है लेकिन शुक्रवार को हुई धूप ने एक बार फिर से लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। विदर्भ, तेलंगाना, मराठवाड़ा, पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों और छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं, देश के बाकी हिस्सों में यह 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
इसके विपरीत, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जिससे वहां अपेक्षाकृत राहत बनी हुई है।