Raksha Bandhan 2026 : सावन मास का विशेष महत्व है। इस माह में शिव कृपा बरसती है। इस मास में जप , तप , अनुष्ठान, और ज्योतिषीय उपायों का विशेष महत्व है। वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का पावन पर्व शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन राखी बांधने
Raksha Bandhan 2026 : सावन मास का विशेष महत्व है। इस माह में शिव कृपा बरसती है। इस मास में जप , तप , अनुष्ठान, और ज्योतिषीय उपायों का विशेष महत्व है। वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का पावन पर्व शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन राखी बांधने
Putrada Ekadashi 2026 : सनातन धर्म में एकादशी व्रत की विशेष महिमा बतायी गइ है। सावन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। पुत्रदा एकादशी हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत पवित्र व्रतों में से एक मानी जाती है। “पुत्रदा”
22 अगस्त 2026 का राशिफल : 22 अगस्त का राशिफल ज्योतिषीय गणना के अनुसार वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से लाभदायक और भाग्यशाली रहने वाला है। शनिवार के दिन चंद्रमा का गोचर दिन के पहले भाग में वृश्चिक राशि उपरांत धनु राशि
मथुरा। अगर आप भी इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा की नगरी मथुरा या वृंदावन जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। इस साल 2026 की जन्माष्टमी को लेकर मथुरा और वृंदावन में तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। कान्हा के जन्मोत्सव को
Brahma Temple: पुष्कर केवल एक मंदिर के कारण प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि इसका पूरा धार्मिक भूगोल ब्रह्मा जी से जुड़ा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्मा जी के हाथ से एक कमल की पंखुड़ी धरती पर गिरी थी। जिस स्थान पर वह पंखुड़ी गिरी, वहां एक विशाल सरोवर बन गया,
Raksha Bandhan 2026 : नागपंचमी पर शेष की आराधना के बाद शिव मास की पूर्णाहुति श्रावणी पूर्णिमा को संपन्न होती है। सृष्टि की रक्षा का संकल्प होता है। भाई बहनों के प्रेम का प्रतीक त्योहार रक्षाबधन (Raksha Bandhan) इस साल सावन पूर्णिमा 28 अगस्त के दिन मनाया जाएगा। त्योहार पर
Putrada Ekadashi 2026 : सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान प्राप्ति, वंश वृद्धि और भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। यह साल में दो बार आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के माहात्म्य को सुनने या
लखनऊ। भारत अपनी सांस्कृतिक विविधताओं और अनोखी परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। हर त्योहार के पीछे कोई न कोई कहानी, लोक मान्यता और सामाजिक महत्व छुपा होता है। ऐसा ही कुछ हमारे सबसे पवित्र त्योहारों में से एक ‘रक्षाबंधन’ के साथ भी है। आमतौर पर पूरा
Kajri Teej 2026 : भारत की विविध संस्कृति में तीज पर्वों का विशेष स्थान है। इन्हीं में से एक है कजरी तीज, जिसे भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। कजरी तीज केवल एक व्रत नहीं, बल्कि सदियों पुरानी भारतीय संस्कृति की जीवंत धरोहर है।
Third Mangala Gauri Vrat : सनातन धर्म में सावन माह का विशेष महत्व हैै। इस माह में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा का विशेष विधान है। सावन में आने वाले हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। आज 18 अगस्त को तीसरा मंगला गौरी व्रत है।
18 अगस्त 2026 का राशिफल: मंगलवार के दिन कर्क राशि के लोगों के मन में प्रसन्नता रहेगी। आचार्य रत्नाकर तिवारी से जानिए कैसा रहेगा आपका दिन? मेष – आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। धन संबंधी मामलों में जल्दबाजी न करें। परिवार में सहयोग मिलेगा। वृषभ
India’s famous Naga temples : शिव आदि देव हैं। सनातन परंपरा में नागों का भगवान शिव से गहरा संबंध माना गया है। भगवान शिव के गले में विराजमान नाग उनकी शक्ति, योग और काल पर विजय के प्रतीक माने जाते हैं। नाग पंचमी सनातन लोक जीवन का एक प्रमुख त्योहार
IIT Kanpur students Kanwar Yatra : सावन के पवित्र महीने में IIT कानपुर के छात्र-छात्राओं और प्रोफेसरों ने आस्था और परंपरा की अनोखी मिसाल पेश की। छात्रों ने सरसैया घाट से गंगाजल लेकर आनंदेश्वर महादेव मंदिर तक पदयात्रा की और परमट में विधिवत भगवान शिव का पारंपरिक जलाभिषेक किया। इस
लखनऊ। सनातन धर्म में सावन के महीने को बेहद पवित्र माना गया है। यह पूरा महीना भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, सावन के पवित्र महीने में किए गए कुछ विशेष उपाय व्यक्ति के जीवन से सभी कष्टों को हमेशा के लिए दूर
Nag Panchami Special : शिव आदि देव हैं। शेष नाग जीवचार्य हैं। वासुकी जीवन संग्राम के आधार हैं। तक्षक कलियुग के आधार चिंतक को बल देते हैं। परमब्रह्म, नारायण के निर्देशन में यह सब क्रमवार चलता है। सब स्पष्ट है। कहीं कोई संशय नही । विश्व का कल्याण। प्राणियों में सद्भावना।