Surya Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण अदृभुद खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है तब सूर्य ग्रहण लगता है। यह पूर्ण, आंशिक या वलयाकार (रिंग ऑफ फायर) हो सकता है। खगोलविदों के साथ ही साथ ज्योतिष से जुड़े लोगों में भी ग्रहण को लेकर
Surya Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण अदृभुद खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है तब सूर्य ग्रहण लगता है। यह पूर्ण, आंशिक या वलयाकार (रिंग ऑफ फायर) हो सकता है। खगोलविदों के साथ ही साथ ज्योतिष से जुड़े लोगों में भी ग्रहण को लेकर
12 अगस्त का राशिफल : बुधवार 12 अगस्त के दिन स्वामी ग्रह बुध पुष्य नक्षत्र से कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं। इस गोचर को सूर्य का भी साथ मिला है जिससे बुधादित्य योग बना है। चंद्रमा कर्क राशि में ही संचार करेंगे और गुरु भी यहां चंद्रमा के
SKCON Temple Dress Code : सनातन आस्था के केंद्र विश्व प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस एडवाइजरी जारी की गई है। खबरों के अनुसार, अब मंदिर में पारंपरिक वेशभूषा धारण करके आना ही अनिवार्य है। पीआरओ रविलोचन दास ने मंदिर में दर्शन पूजा के लिए भक्तों
Surya Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण अदृभुद खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है। यह पूर्ण, आंशिक या वलयाकार (रिंग ऑफ फायर) हो सकता है। खगोलविदों के साथ ही साथ ज्योतिष से जुड़े लोगों में भी ग्रहण को लेकर उत्सुकता रहती है।यह सूर्य ग्रहण
The World of Space: भारत के अंतरिक्ष इतिहास के लिए यह एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जहां अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (NASA) ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को अपने महत्वाकांक्षी ‘मून बेस’ प्रोग्राम में शामिल होने का आधिकारिक निमंत्रण दिया है। इस आदरपूर्ण निमंत्रण को पूरी दुनिया में भारत
Kanwad Yatra Shiva Bhakti : कांवड़ यात्रा करोड़ों शिवभक्तों के लिए कांवड़ यात्रा आज भी भगवान शिव के प्रति समर्पण और श्रद्धा का प्रतीक है। यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, तपस्या और शिव भक्ति की जीवंत परंपरा है। कांवड को लेकर पौराणिक गंथों में अलग अलग कथाएं
Hariyali Amavasya 2026 : हरियाली अमावस्या वर्ष 2026 में बुधवार, 12 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। यह श्रावण मास की अमावस्या होती है और वर्षा ऋतु में प्रकृति की हरियाली के कारण इसे “हरियाली अमावस्या” कहा जाता है। इस दिन शिव पूजा, पितरों के नाम दान, वृक्षारोपण, पीपल पूजा और
Horoscope 11 August 2026 : 11 अगस्त के दिन सावन का दूसरा मंगलवार है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आंकलन किया जाता है। मंगलवार के दिन शिव- गौरी के साथ हनुमान जी की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार को बजरंगबली की पूजा करने से
Ayodhya jhulnotsav : अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में करीब 498 वर्षों के बाद एक ऐतिहासिक परंपरा बदलने जा रही है। इस बार रामलला नाग पंचमी के स्थान पर सावन शुक्ल तृतीया (15 अगस्त) की शाम 7 बजे से 12 दिवसीय भव्य झूलनोत्सव के तहत झूले पर विराजमान होंगे। 15
Sawan Som Pradosh Vrat 2026 : सावन में शिव कृपा पाने के लिए शिव भक्त भोलेनाथ को जलाभिषेक करते हैं और प्रदोष ब्रत के नियम का पालन करते है। प्रदोष’ शब्द का अर्थ है— दोषों या पापों का क्षय होना। सावन का पहला प्रदोष व्रत 10 अगस्त को रखा गया
10 अगस्त का राशिफल: आज सावन का दूसरा सोमवार है। सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार को भोलेनाथ की पूजा करने से जीवन में सुख बना रहता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 10 अगस्त का दिन कुछ राशि वालों के
Kinnaur Kailash Yatra 2026 : भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए भक्त अति दुर्गम यात्रा करते हुए उनका दर्शन करते हैं। हिमालय की गोद में बसा किन्नौर कैलाश को भगवान शिव और माता पार्वती का निवास स्थान माना जाता है। हर साल भक्त यहा आते हैं और आदियोगी भगवान
Kamika Ekadashi 2026 : सावन मास में आने वाली कामिका एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत एवं पूजा करने से बड़े से बड़े पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आती है। साथ ही, सावन मास
Sports Car Kanwar Yatra : सावन मास में भोले की भक्ति में आस्था की शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला यूपी के मुजफ्फरनगर में । इस मास में महादेव पर जलाभिषेक करने के लिए कांवडिये कंधे पर कांवड़ लेकर शिवालयों में जलाभिषेक करते है। अपनी अपनी भक्ति – शक्ति
Sawan Shivratri 2026 : भगवान शिव की पूजा के लिए भक्ति शक्ति के पवित्र माह सावन शिवरात्रि का पर्व बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने से सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही महादेव मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दिन व्रत