Ashadh Maas 2026 : हिंदू पंचांग का चौथा महीना आषाढ़ मास 30 जून 2026 से शुरू होकर 29 जुलाई 2026 तक रहेगा। धर्म ग्रथों में इस माह को साधना, उपासना और कामना पूर्ति का अत्यंत पवित्र समय माना जाता है। इस माह की महिमा के बारे में वर्णन करते हुए
Ashadh Maas 2026 : हिंदू पंचांग का चौथा महीना आषाढ़ मास 30 जून 2026 से शुरू होकर 29 जुलाई 2026 तक रहेगा। धर्म ग्रथों में इस माह को साधना, उपासना और कामना पूर्ति का अत्यंत पवित्र समय माना जाता है। इस माह की महिमा के बारे में वर्णन करते हुए
वाराणसी। आनेवाले सावन माह को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने तैयारियों में तेजी लाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में वाराणसी के पुलिस पुलिस अधिकारियों ने मंदिर प्रशासन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरानप कमिश्नर ‘मोहित अग्रवाल’ ने एक महीने
30 जून 2026 का राशिफल: 30 जून, मंगलवार के दिन तुला राशि के लोगों भाग्य का साथ मिलेगा। आप भी जानिए आचार्य रत्नाकर तिवारी से कैसा रहेगा आपका दिन? मेष – आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरी और व्यापार में लाभ के योग हैं। परिवार में सुखद
Jyeshtha Purnima 2026 : सनातन धर्म ज्येष्ठ पूर्णिमा को बहुत पवित्र और खास उपायों के लिए लाभकारी माना जाता है। ज्येष्ठ माह की इस पूर्णिमा को आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत ही फलदायी माना गया है। पंचांग के अनुसार, आज 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन व्रत का
Amarnath Yatra 2026 : भगवान शिव के सबसे पवित्र तीर्थों में बाबा अमरनाथ धाम है।स्कंदपुराण में अमरनाथ गुफा का अत्यंत गहरा आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व बताया गया है, जहां इसे ‘अमरेश’ या ‘अमरेश्वर तीर्थ’ के नाम से संबोधित किया गया है। पुराणों के अनुसार, यह वही पावन स्थान है जहां
29 जून 2026 का राशिफल: 29 जून, सोमवार के दिन कन्या राशि के लोगों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। आप भी जानिए आचार्य रत्नाकर तिवारी से कैसा रहेगा आपका दिन? मेष – आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार के
Snan Purnima 2026: महाप्रभु जगन्नाथ धाम मेंं स्नान पूर्णिमा अनुष्ठान की तैयारियां जोरो पर चल रही है। पुरी जगन्नाथ मंदिर (Puri Jagannath Temple) में स्नान पूर्णिमा यानी स्नान यात्रा ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण उत्सव है। यह अनुष्ठान उत्सव प्रसिद्ध रथ यात्रा की शुरुआत
Bhadli Navami 2026 : सनातन धर्म में शुभ अशुभ का विशेष महत्व है। इसी प्रकार नक्षत्र और मृहूर्त का भी विशेष महत्व है। शादी विाह जैस शुभ कार्यों में शुभ मुहूर्तों का होना आवश्यक माना जाता है। इसके पीछे मी मान्यता है शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों के फल
Vat Purnima 2026 : वट पूर्णिमा के दिन आसमान में दुर्लभ नजारा देखने को मिलेगा। इस दिन धार्मिक महत्व के साथ-साथ खगोल विज्ञान के नजरिए से भी एक खास घटना देखने को मिलेगी। सनातन धर्म में वट पूर्णिमा के व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष
27 जून 2026 का राशिफल: 27 जून, शुक्रवार के दिन सिंह राशि के लोग आत्मविश्वास से कार्य करें, सफलता मिलेगी। आप भी जानिए आचार्य रत्नाकर तिवारी से क्या कहते हैं आपके सितारे… मेष – आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा। धन संबंधी
Angarak Yog : ज्योतिषीय घटना मानव जीवन तथा पृथ्वी को प्रभावित करते हैं। वैदिक ज्योतिष में इन घटनाओं का गहरा महत्व है। जब कोई ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उसे गोचर कहते हैं। जब दो या दो से अधिक ग्रह एक ही राशि में
Tirumala Darshan : आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरुमाला मंदिर को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। असख्य भक्तों के आस्था के केंद्र श्री वेंकटेश्वर स्वामी यानी तिरुपति बालाजी के दर्शन के संबंध में तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम (TTD) ने कहा है कि रोज 1000 वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों
Kamakhya Temple : सनातन धर्म के आस्था का प्रमुख केंद्र असम के गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर को वार्षिक अंबुबाची मेले के समापन के बाद शुक्रवार को श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोल दिया जाएगा। 22 जून को यह मेला शुरू हुआ और आज यानी 26 जून को सुबह मंदिर के
26 जून 2026 का राशिफल: 26 जून, गुरुवार के दिन मिथुन राशि के लोगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। आप भी जानिए आचार्य रत्नाकर तिवारी से क्या कहते हैं आपके सितारे… मेष – आज कार्यक्षेत्र में सफलता के योग हैं। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
Gayatri Jayanti 2026 : मां गायत्री को वेदों की माता के रूप में जाना जाता है। आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी है और माता गायत्री की जयंती मनाई जा रही है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन माता गायत्री प्रकट हुईं