Electricity Privatization: यूपी की सभी बिजली कंपनियों में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का 33122 करोड़ सर प्लस निकल रहा है। उसके एवज में बिजली दरों में एक मुश्त 45 फीसदी कमी अथवा अगले 5 वर्षों तक 9 फीसदी कमी सहित 42 जनपदों के निजीकरण मैं बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए
