इंदौर। भले ही हिन्दी को देश में राजभाषा का दर्जा दिया गया हो लेकिन बावजूद इसके जीएसटी ट्रिब्यूनल में राजभाषा हिन्दी को मान्य नहीं किया जा रहा है और सिर्फ अंग्रेजी का ही उपयोग अनिवार्य है। ऐसी स्थिति में व्यापारीवर्ग को खासी परेशानी हो रही है क्योंकि कई व्यापारी ऐसे
