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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में मस्जिद के बाहर धमाका, मौलाना हामिद उल हक हक्कानी की मौत

पाकिस्तान (Pakistan) के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (Khyber Pakhtunkhwa Province) के नौशेरा जिले में दारुल उलूम हक्कानिया (Darul Uloom Haqqaniya) में हुए आत्मघाती धमाके में जेयूआई-एस नेता मौलाना हमीदुल हक हक्कानी (JUI-S leader Maulana Hamidul Haq Haqqani) सहित कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 लोग घायल हो गए।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। पाकिस्तान (Pakistan) के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (Khyber Pakhtunkhwa Province) के नौशेरा जिले में दारुल उलूम हक्कानिया (Darul Uloom Haqqaniya) में हुए आत्मघाती धमाके में जेयूआई-एस नेता मौलाना हमीदुल हक हक्कानी (JUI-S leader Maulana Hamidul Haq Haqqani) सहित कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 लोग घायल हो गए। धमाका अकोरा खट्टक स्थित मदरसा-ए-हक्कानिया (Madrasa-e-Haqqaniya) में शुक्रवार की नमाज के दौरान हुआ।

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खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) के मुख्य सचिव शाहब अली शाह (Chief Secretary Shahab Ali Shah) ने विस्फोट में मदरसे के केयरटेकर और जमीयत उलेमा इस्लाम (सामी समूह) के प्रमुख हमीदुल हक हक्कानी की मौत की पुष्टि की। पीटीआई के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा के आईजीपी जुल्फिकार हमीद (IGP Zulfiqar Hameed) ने बताया कि धमाके के पीछे आत्मघाती बम का शक है, जिसमें हमीदुल हक को निशाना बनाया गया। हमने हमीदुल हक को छह सुरक्षा गार्ड मुहैया कराए थे। धमाका जुमा की नमाज के दौरान हुआ। बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे और शवों और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। नौशेरा और पेशावर दोनों अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। काजी हुसैन मेडिकल कॉम्प्लेक्स के एक डॉक्टर ने बताया कि कम से कम 20 लोग घायल हैं और पांच शव अस्पताल में लाए गए हैं। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर और राज्यपाल फैसल करीम कुंदी ने आत्मघाती धमाके की निंदा की है। जेयूआईएफ नेताओं ने घायलों के लिए रक्तदान की अपील की है।

बता दें कि मौलाना हक्कानी (Maulana Haqqani) एक राजनीतिज्ञ और इस्लामी विद्वान हैं, जिन्होंने नवंबर 2002 से 2007 तक नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में काम किया। उन्होंने अपने पिता मौलाना समीउल हक की हत्या के बाद जामिया दारुल उलून हक्कानिया के कुलपति और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (सामी) के अध्यक्ष के रूप में भी वह काम कर रहे थे। मदरसे की वेबसाइट के अनुसार, इसकी स्थापना सितंबर 1947 में इस्लामिक विद्वान मौलाना अब्दुल हक हक्कानी (Maulana Abdul Haq Haqqani) ने की थी। मदरसा पहले भी विवादों में रहा है क्योंकि इसके छात्रों पर पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या में शामिल होने का आरोप है। हालांकि, मदरसे ने संदिग्धों के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया था।

 

 

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