अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने यूएस और ईरान (US and Iran) के बीच सीजफायर खत्म (Ceasefire Ends) होने का ऐलान किया है। ऐसे में अब सोने-चांदी की कीमतों (Gold and Silver Prices) में भारी गिरावट देखी जा रही है। MCX पर सोने का भाव 2177 रुपये उछलकर 143215 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने यूएस और ईरान (US and Iran) के बीच सीजफायर खत्म (Ceasefire Ends) होने का ऐलान किया है। ऐसे में अब सोने-चांदी की कीमतों (Gold and Silver Prices) में भारी गिरावट देखी जा रही है। MCX पर सोने का भाव 2177 रुपये उछलकर 143215 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इसके अलावा चांदी की कीमत MCX 6615 चढ़कर 224242 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। इंटरनेशनल मार्केट (International Market) में भी सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। सोने का भाव 2.38 फीसदी गिरकर 4,058 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। चांदी 3.89 फीसदी फिसलकर 58.945 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।
अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग कमजोर पड़ने से इसके भाव करीब एक हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए।
एक महीने में कितना गिरा सोना-चांदी?
पिछले एक महीने में सोने और चांदी (Gold and Silver) की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। एमसीएक्स (MCX) पर सोना करीब 5.6 फीसदी और चांदी 10.8 फीसदी तक सस्ती हुई है। इसकी वजह मजबूत अमेरिकी डॉलर (US Dollar), ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंताएं और रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली मानी जा रही है।
हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट आई, लेकिन कई एनालिस्ट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tension) की वजह से और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास जहाजों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता के कारण निवेशक अनिश्चित माहौल में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख कर सकते हैं।
हालांकि, अमेरिकी डॉलर (US Dollar) की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोने पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में एक तरफ जियो-पॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tension) सोने की मांग बढ़ा रहा है, तो दूसरी तरफ मजबूत डॉलर और ग्लोबल बाजारों का दबाव इसकी कीमतों को नीचे खींच रहा है। इसलिए फिलहाल सोने की चाल इन दोनों विपरीत फैक्टर्स के बीच फंसी हुई है।