उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के भटहट विकास खंड में एक ग्राम पंचायत अधिकारी को फोन पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोपी ने नियमों के खिलाफ जाकर सरकारी रिकॉर्ड से अपनी भतीजी का नाम हटाने का दबाव बनाया। साथ ही उस अधिकारी को ऐसा नहीं करने पर इसका भयानक अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। पीड़ित अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के भटहट विकास खंड में एक ग्राम पंचायत अधिकारी को फोन पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोपी ने नियमों के खिलाफ जाकर सरकारी रिकॉर्ड से अपनी भतीजी का नाम हटाने का दबाव बनाया। साथ ही उस अधिकारी को ऐसा नहीं करने पर इसका भयानक अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। पीड़ित अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जमीन विवाद के कारण नाम हटवाने का दबाव
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुश्तैनी जमीन को लेकर मौलाखोर गांव के निवासी गंगा सागर सिंह का अपनी भतीजी गुड्डी देवी के साथ कोर्ट में विवाद चल रहा है। गुड्डी के पिता का देहांत साल 2009 में हो गया था। आरोपी गंगा सागर ने दावा किया है कि वर्तमान परिवार रजिस्टर में शादी के बाद उसकी भतीजी का नाम दर्ज नहीं है, इसलिए वह पुराने रिकॉर्ड से भी उसका नाम पूरी तरह हटवाना चाहता था। जिससे जमीन पर उसका दावा कमजोर हो सके।
अधिकारी ने नियमों का हवाला देकर किया इनकार
वहां के ग्राम पंचायत अधिकारी अब्दुस सलाम ने नियमों का हवाला देते हुए सरकारी दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की अवैध हेराफेरी करने से मना कर दिया। इससे नाराज होकर आरोपी गंगा सागर सिंह ने 19 अगस्त की रात को अधिकारी के मोबाइल पर फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी, “भतीजी का नाम हटाओ, नहीं तो जान से मार दूंगा।” इसके बाद अगले दिन 20 अगस्त की सुबह भी आरोपी ने दोबारा फोन किया और अधिकारी को क्षेत्र में आने पर जान लेने की धमकी दी। पीड़ित अधिकारी के पास आरोपी की इन दोनों धमकियों की कॉल रिकॉर्डिंग सुरक्षित है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
सिलसिलेवार मिल रही धमकियों से डरे ग्राम पंचायत अधिकारी अब्दुस सलाम ने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए पिपराइच थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी गंगा सागर सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। इस मामले की जांच उपनिरीक्षक सुनील कुमार यादव कर रहे है। अधिकारी ने अपनी सुरक्षा को लेकर लिखित रूप से जिला मजिस्ट्रेट (DM), जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और खंड विकास अधिकारी (BDO) को भी अवगत कराया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कॉल रिकॉर्डिंग के साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।