भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने खेल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तमिलनाडु की युवा हर्डलर हर्षिता को अधिकारियों की एक बड़ी गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा, जिसके चलते उनका एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन का सपना टूट गया..
भुवनेश्वर: भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने खेल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तमिलनाडु की युवा हर्डलर हर्षिता को अधिकारियों की एक बड़ी गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा, जिसके चलते उनका एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन का सपना टूट गया।
महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा की हीट में हर्षिता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1:01.03 सेकंड का अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकाला और फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। लेकिन रेस के दौरान एक चौंकाने वाली गलती सामने आई। हर्षिता की लेन में 10 की जगह केवल 9 हर्डल लगाए गए थे।
रेस के दौरान जब हर्षिता ने देखा कि उनकी लेन में एक हर्डल गायब है, तो उन्होंने तुरंत पास की लेन का हर्डल पार कर रेस पूरी की। बाद में जांच में अधिकारियों की गलती साबित हुई, लेकिन इसके बावजूद हर्षिता का समय रद्द कर दिया गया।
इसके बाद अधिकारियों ने हर्षिता को अगले दिन अकेले टाइम ट्रायल दौड़ने का निर्देश दिया। लगातार दूसरी बार दौड़ने और प्रतिस्पर्धी माहौल न मिलने के कारण वह 1:02.54 सेकंड का समय ही निकाल सकीं, जो क्वालिफिकेशन के लिए तय समय से थोड़ा अधिक था। नतीजतन, वह फाइनल में जगह नहीं बना सकीं।
🚨#Breaking: Athlete Forced to Run Three Races After Officials Forgot a Hurdle at Interstate 2026!
A shocking incident unfolded during the women's 400m hurdles at the ongoing Interstate 2026, which also serves as an Asian Games qualifier.
Harshitha, representing Tamil Nadu in… pic.twitter.com/DWF2MF9Ffd
— nnis Sports (@nnis_sports) June 26, 2026
घटना के बाद हर्षिता ने कहा कि अधिकारियों ने गलती मानने के बजाय उन पर ही सवाल उठाए। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि खिलाड़ियों की मेहनत और सपनों की कीमत आखिर प्रशासनिक लापरवाही की वजह से क्यों चुकानी पड़ती है। एक गायब हर्डल ने न सिर्फ एक रेस का परिणाम बदला, बल्कि एक युवा एथलीट के बड़े सपने को भी झटका दे दिया।